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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ये केसा रिश्ता था हमारा  पता नहींक्या बात हे तुम्हारी , मैं तुम्हे भूल नहीं पा रही हूँ॰ ओर नुम मुझे याद भी नहीं कर रहे, ये केसा प्यारथाहमारा... मैं आज भी उसी मोड़ परखड़ी हूँ जहों तुमने मुझे छोड़ दिया था, मेरे दिल से तुम जाते ही नही, ओर तुमने मुझे दिल से निकाल दिया था... मुझसे तुम्हारे बिना रहा नर्हीं जाता, औरतुम ' शायद रहना भी नर्ही चाहते , ये केसा रिश्ता था हमारा , मैं टूट गई... ओर तुम टूटना भी नर्ही चाहते... DcoDL3 ये केसा रिश्ता था हमारा  पता नहींक्या बात हे तुम्हारी , मैं तुम्हे भूल नहीं पा रही हूँ॰ ओर नुम मुझे याद भी नहीं कर रहे, ये केसा प्यारथाहमारा... मैं आज भी उसी मोड़ परखड़ी हूँ जहों तुमने मुझे छोड़ दिया था, मेरे दिल से तुम जाते ही नही, ओर तुमने मुझे दिल से निकाल दिया था... मुझसे तुम्हारे बिना रहा नर्हीं जाता, औरतुम ' शायद रहना भी नर्ही चाहते , ये केसा रिश्ता था हमारा , मैं टूट गई... ओर तुम टूटना भी नर्ही चाहते... DcoDL3 - ShareChat