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#🤲 दुआएं #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲 दुआएं - లన్ు माहे रमज़ान की बरकात इतनी ज़्यादा हैं की मैं उन्हें गिनवाने से क़ासिर हूँ - बस यही कहा जा सकता है की मुसलमानो सज्दए शुक्र अदा करो और सजदे में कहो की ख़ुदाया तेरा शुक्र है की मुझ पर मौत नहीं आई और एक फिर ईद ए औलिया को हासिल करने में R कामयाब हाे गया Tafseer Sura eHujrat; Dastgheeb Sheerazi (ra) లన్ు माहे रमज़ान की बरकात इतनी ज़्यादा हैं की मैं उन्हें गिनवाने से क़ासिर हूँ - बस यही कहा जा सकता है की मुसलमानो सज्दए शुक्र अदा करो और सजदे में कहो की ख़ुदाया तेरा शुक्र है की मुझ पर मौत नहीं आई और एक फिर ईद ए औलिया को हासिल करने में R कामयाब हाे गया Tafseer Sura eHujrat; Dastgheeb Sheerazi (ra) - ShareChat