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#कभी घूस खाई नहीं,
कभी घूस खाई नहीं, - कभी घूस खाई नहीं, किया न भ्रष्टाचार ऐसे भोंदू जीव को बार-बार धिक्कार बारबार धिक्कार व्यर्थ है वहव्यापारी माल तोलते समय न जिसने डंडी मारी कहँ काका' , क्या नाम पायेगा ऐसा बंदा जिसने किसी संस्था का, न पचाया चंदा कभी घूस खाई नहीं, किया न भ्रष्टाचार ऐसे भोंदू जीव को बार-बार धिक्कार बारबार धिक्कार व्यर्थ है वहव्यापारी माल तोलते समय न जिसने डंडी मारी कहँ काका' , क्या नाम पायेगा ऐसा बंदा जिसने किसी संस्था का, न पचाया चंदा - ShareChat