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गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - Ta दिल की बस्ती में उंजाला नहीं होने वाला मेरी रातों का ख़सारा नहीं होने वाला मैंने उल्फ़त में मुनाफ़े का नहीं सोचा था मेरा नुक़सान ज़ियादा नहीं होने वाला वो हमारा है हमारा है हमारा है फ़क़त बावजूद इसके हमारा नहीं होने वाला उससे कहना कि मेरा साथ निभाए आकर से गुज़ारा नहीं होने वाला  मेरा यादों Good morning everyone हिमांशी बाबरा Rani Motivational Videos Apo ant Ta दिल की बस्ती में उंजाला नहीं होने वाला मेरी रातों का ख़सारा नहीं होने वाला मैंने उल्फ़त में मुनाफ़े का नहीं सोचा था मेरा नुक़सान ज़ियादा नहीं होने वाला वो हमारा है हमारा है हमारा है फ़क़त बावजूद इसके हमारा नहीं होने वाला उससे कहना कि मेरा साथ निभाए आकर से गुज़ारा नहीं होने वाला  मेरा यादों Good morning everyone हिमांशी बाबरा Rani Motivational Videos Apo ant - ShareChat