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#🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत #🤲हदीस🕌 #🤲 दुआएं
🤲अल्लाह हु अक़बर - Quran Surah 17 Ayat 82 َنْيِنِمْوُمَلِل ٌةَمْحَر َّو ٌءآَفِش َوُباَم ِناَرُقَلا َنِم ُلِّزَنُن َو ४ ७ 4٨٢٨ اًراَسَخ اّلِا َنَيِمِلّظلا ُدَيِزَي हम इस क़ुरआन के उतरने के सिलसिले में वो कुछ उतार रहे हैं जो माननेवालों के लिये तो शिफ़ा और रहमत है, मगर ज़ालिमों के लिये घाटे के सिवा और किसी चीज़ में बढ़ोतरी नहीं करता Quran Surah 17 Ayat 83 مِبِناَجِب اَنَو َضَرَعَا ِناَسَنِإْلا یَلَع اَنَمَعَنَا آَذِا َو ము1] 3 #AT) Lప్ం్ర # इन्सान का हाल ये है कि जब हम उसे नेमत देते हैं तो वो ऐंठता और पीठ ls लेता है, और जब ज़रा मुसीबत का सामना होता है तो मायूस होने लगता 81 Quran Surah 17 Ayat 82 َنْيِنِمْوُمَلِل ٌةَمْحَر َّو ٌءآَفِش َوُباَم ِناَرُقَلا َنِم ُلِّزَنُن َو ४ ७ 4٨٢٨ اًراَسَخ اّلِا َنَيِمِلّظلا ُدَيِزَي हम इस क़ुरआन के उतरने के सिलसिले में वो कुछ उतार रहे हैं जो माननेवालों के लिये तो शिफ़ा और रहमत है, मगर ज़ालिमों के लिये घाटे के सिवा और किसी चीज़ में बढ़ोतरी नहीं करता Quran Surah 17 Ayat 83 مِبِناَجِب اَنَو َضَرَعَا ِناَسَنِإْلا یَلَع اَنَمَعَنَا آَذِا َو ము1] 3 #AT) Lప్ం్ర # इन्सान का हाल ये है कि जब हम उसे नेमत देते हैं तो वो ऐंठता और पीठ ls लेता है, और जब ज़रा मुसीबत का सामना होता है तो मायूस होने लगता 81 - ShareChat