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#❤️अस्सलामु अलैकुम #shab e barat #shaban mahina mubark #कुरान और हदीस #Quran Aur Hadees Ki Baate
❤️अस्सलामु अलैकुम - ْمُکْیَلَع ُمالَّسلَآ चाहिए? शबे बारात में নথা पढना शबे बारात (२५ शाबान की रात ) मग़फ़िरत और  दुआ  रहमत रात में नफ़्ल इबादत क़बूल होने की रात हैे। इस दुआ और इस्तिग़फ़ार ज़्यादा चाहिए।  करना १* कुरआन की तिलावत जो आसानी हो उतना पढ़़ेंः 6 মামীন  फिर सूरह   वाक़िआ (१ या 3 बार) सूरह मुल्क सूरह रहमान या जितना बन सके कुरआन की तिलावत  (তিননী নীদ্ধীরূ কী) 2 नफ़्ल  नमाज़ ப 4 रकअत नपल 2 हर 2 रकअत के बाद दुआ करें। कोई ख़ास तय नमाज़ साबित  76, नफ़्ल   पढ़़ें।  बस 3*  বমিযাদ্া ٨ ٦١؟٨ ) कम से कम २०० बारः ( गुनाहों  अस्तग़फिरुल्लाह रब्बी मिन जंबिन व अतूबु इलेह ४+ दुरूद தனி अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मद शरीफ़ कम से గా 100 बार आलि   मुहम्मद সলা ५+ तौबा और दुआ दिल से तौबा करें और ये दुआ करेंः इन्नका अफूव्वुन तुहिब्बुल अफ़्वा फ़अपुः अन्नी अल्लाहुम्मा अपने   ओर के लिए दुआ अपने की॰ माफ़ी 6* दूसरों  TTI6T वालिदैन (ज़़िंदा हों मुसलमानों इंतिक़ाल कर चुके हों ) तमाय या की मग़फ़िरत बीमारी, परेशानियों और रिज़्क़ में बरकत की दुआ ज़रूरी शबे बारात में कोई खास तय नमाज़  नोटः या I खास सूरहःरथसे साबित नहीं। जो भी पढ़़ें सुन्नत के मुताबिक   सादगी   46` Post. 786 hadees ْمُکْیَلَع ُمالَّسلَآ चाहिए? शबे बारात में নথা पढना शबे बारात (२५ शाबान की रात ) मग़फ़िरत और  दुआ  रहमत रात में नफ़्ल इबादत क़बूल होने की रात हैे। इस दुआ और इस्तिग़फ़ार ज़्यादा चाहिए।  करना १* कुरआन की तिलावत जो आसानी हो उतना पढ़़ेंः 6 মামীন  फिर सूरह   वाक़िआ (१ या 3 बार) सूरह मुल्क सूरह रहमान या जितना बन सके कुरआन की तिलावत  (তিননী নীদ্ধীরূ কী) 2 नफ़्ल  नमाज़ ப 4 रकअत नपल 2 हर 2 रकअत के बाद दुआ करें। कोई ख़ास तय नमाज़ साबित  76, नफ़्ल   पढ़़ें।  बस 3*  বমিযাদ্া ٨ ٦١؟٨ ) कम से कम २०० बारः ( गुनाहों  अस्तग़फिरुल्लाह रब्बी मिन जंबिन व अतूबु इलेह ४+ दुरूद தனி अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मद शरीफ़ कम से గా 100 बार आलि   मुहम्मद সলা ५+ तौबा और दुआ दिल से तौबा करें और ये दुआ करेंः इन्नका अफूव्वुन तुहिब्बुल अफ़्वा फ़अपुः अन्नी अल्लाहुम्मा अपने   ओर के लिए दुआ अपने की॰ माफ़ी 6* दूसरों  TTI6T वालिदैन (ज़़िंदा हों मुसलमानों इंतिक़ाल कर चुके हों ) तमाय या की मग़फ़िरत बीमारी, परेशानियों और रिज़्क़ में बरकत की दुआ ज़रूरी शबे बारात में कोई खास तय नमाज़  नोटः या I खास सूरहःरथसे साबित नहीं। जो भी पढ़़ें सुन्नत के मुताबिक   सादगी   46` Post. 786 hadees - ShareChat