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##जय मां गायत्री जय गुरुवर
#जय मां गायत्री जय गुरुवर - गायत्ीतीर्थ शान्तिकुञ्ज  अनियंत्रित इन्द्रियों की दासता ऐसी है , जैसे कठपुतली में बन्धे हुए सूक्ष्म तन्तु। जिधर को तन्तु हिले , उधर ही को कठपुतली ने हाथ पाँव हिलाए। स्वयं कठपुतली का कोई अस्तित्व नहीं है। उसी प्रकार इंद्रियों के दास का क्या ठिकाना! अखण्ड ज्योति , जुलाई 1 1957 हम बदलेंगे - युग बदलेगा , हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी जवमी शचार 1926; ` 2016 . दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial WWW.awgp..rg' 8439014110 YOUfUBE Shantikunj Rishi Chintan गायत्ीतीर्थ शान्तिकुञ्ज  अनियंत्रित इन्द्रियों की दासता ऐसी है , जैसे कठपुतली में बन्धे हुए सूक्ष्म तन्तु। जिधर को तन्तु हिले , उधर ही को कठपुतली ने हाथ पाँव हिलाए। स्वयं कठपुतली का कोई अस्तित्व नहीं है। उसी प्रकार इंद्रियों के दास का क्या ठिकाना! अखण्ड ज्योति , जुलाई 1 1957 हम बदलेंगे - युग बदलेगा , हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी जवमी शचार 1926; ` 2016 . दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial WWW.awgp..rg' 8439014110 YOUfUBE Shantikunj Rishi Chintan - ShareChat