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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - ते भ्रुखु जैसी आगिआ कीनी  तिस ठाकुरि  नही मोरिओगसहज़ु अर्नदु रखिओ ग्रिहु भीतरि उठि उआहू कउ दउरिओ 0 मै तेरा हे भाई! सेवक वह् है जिसको मालिक प्रुभू ने जिस प्रकार का कभी उसने उस हुकम से कभी मुँह नहीं मोड़ा। एक भक्त के हुकम किया भिखारी ईश्वर की इच्छा सर्वोपरि है, चाहे वह सुख हो या दुख। भक्त Ie अपने हृदय के भीतरि एक सहज आनंद और शांति बनाए रखता ' जिओ उसके लिए बाहर की दुनिया चाहे जैसी भी हो,पर अंदर का सुकून हूी प्रभु का बुलावा आता उसका नहीं डगमगाता[ जैसे उनकी पहाडा 4[ वह तुरंत उस्ॅ ओर दौड़ पड़ता है।जब सेवा का अवसर मिलता है, বাল ईश्वर का सेवक मान लेता है॰ तो उसके भक्त खुद को कर्ता न मानकर दुनिया में रहूते हए जीवन में सहज पैदा हो जाता है। वह @IqT मोहनमाया से निर्लिप्त रहता ' और हरॅपल प्रभु की सेवा के लिए जी तत्पर रहता है।उसके लिए प्रभु का हुकम ही आत्मिक शांति का मार्ग होता है। ते भ्रुखु जैसी आगिआ कीनी  तिस ठाकुरि  नही मोरिओगसहज़ु अर्नदु रखिओ ग्रिहु भीतरि उठि उआहू कउ दउरिओ 0 मै तेरा हे भाई! सेवक वह् है जिसको मालिक प्रुभू ने जिस प्रकार का कभी उसने उस हुकम से कभी मुँह नहीं मोड़ा। एक भक्त के हुकम किया भिखारी ईश्वर की इच्छा सर्वोपरि है, चाहे वह सुख हो या दुख। भक्त Ie अपने हृदय के भीतरि एक सहज आनंद और शांति बनाए रखता ' जिओ उसके लिए बाहर की दुनिया चाहे जैसी भी हो,पर अंदर का सुकून हूी प्रभु का बुलावा आता उसका नहीं डगमगाता[ जैसे उनकी पहाडा 4[ वह तुरंत उस्ॅ ओर दौड़ पड़ता है।जब सेवा का अवसर मिलता है, ईश्वर का सेवक मान लेता है॰ तो उसके भक्त खुद को कर्ता न मानकर दुनिया में रहूते हए जीवन में सहज पैदा हो जाता है। वह @IqT मोहनमाया से निर्लिप्त रहता ' और हरॅपल प्रभु की सेवा के लिए जी तत्पर रहता है।उसके लिए प्रभु का हुकम ही आत्मिक शांति का मार्ग होता है। - ShareChat