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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - कैंसर से जंग जीतकर आज लाखों चैहरों की मुस्कान बनीं वर्षा राव क्रिएटर का नाम : वर्षा राव जब डॉक्टरों ने कहा बच्चा या मां में से किसी एक को बचाया जा सकता है, तो लगा सब खत्म हो गया। इंस्टाग्राम : @Baisa arsha फॉलोअर्स लेकिन शायद वही पल था, जहां से मेरी असली : १ लाख ५८ हजार जिंदगी शुरू हुई। ये शब्द हैं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर  स्थान : उदयपुर राजस्थान वर्षा राव के, जिन्होंने कैंसर को हराकर दर्द को खुद सिर्फ अपनी जिंदगी बचाई, बल्कि ব্রান্রা ক্রিয়া- लाखों लोगों को मुस्कुराने की वजह हावी नहीं होने देना पर भी दी। वर्षा बताती हैं कि साल दौर में वर्षा ने खुद से एक इलाज के इसी  २०२१ में प्रेग्नेंसी के दौरान उनकी दर्द को खुद पर हावी नहीं होने तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। वादा किया- देना है। उन्होंने मेवाड़ी बोली और राजपूती  जांच में ओवरी कैंसर सामने परिधान में छोटे छोटे वीडियो बनाना डिलीवरी आया।   पहले ga शुरू किया। सास-बहू ननद-भौजाई  कराई गई, लेकिन बच्चा सिर्फ पांच  पति-्पत्नी और परिवार की रोजमर्रा की दिन ही जीवित रह पाया। इसके नोक-्झोंक को कॉमेडी  #66 अहमदाबाद में करीब 4i aడ  22 वीडियो धीरे धीरे वायरल होने लगे और की जटिल सर्जरी हुई और उनकी पहचान एक कंटेंट क्रिएटर के रूप मे सात महीने तक कीमोथेरेपी चली। ইুঁ-সই লিব মুক্কান  बनने लगी। वर्षा शरीर कमजोर था, बाल झड चुके कहती  थे और मन अंदर से टूट चुका  अब अभिनय नहीं है बल्कि जिंदगी सेजंग  जीतने का सबूत है। आज कैमरे के सामने खड़े था, लेकिन पति   सासन्ससुर होकर हंसना मुझे याद दिलाता हैकिरमै मौत  ओर पूरे संयुक्त परिवार ने हर पहुंची हूं কী চযাকয যমা নক कदम पर सभाला। कैंसर से जंग जीतकर आज लाखों चैहरों की मुस्कान बनीं वर्षा राव क्रिएटर का नाम : वर्षा राव जब डॉक्टरों ने कहा बच्चा या मां में से किसी एक को बचाया जा सकता है, तो लगा सब खत्म हो गया। इंस्टाग्राम : @Baisa arsha फॉलोअर्स लेकिन शायद वही पल था, जहां से मेरी असली : १ लाख ५८ हजार जिंदगी शुरू हुई। ये शब्द हैं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर  स्थान : उदयपुर राजस्थान वर्षा राव के, जिन्होंने कैंसर को हराकर दर्द को खुद सिर्फ अपनी जिंदगी बचाई, बल्कि ব্রান্রা ক্রিয়া- लाखों लोगों को मुस्कुराने की वजह हावी नहीं होने देना पर भी दी। वर्षा बताती हैं कि साल दौर में वर्षा ने खुद से एक इलाज के इसी  २०२१ में प्रेग्नेंसी के दौरान उनकी दर्द को खुद पर हावी नहीं होने तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। वादा किया- देना है। उन्होंने मेवाड़ी बोली और राजपूती  जांच में ओवरी कैंसर सामने परिधान में छोटे छोटे वीडियो बनाना डिलीवरी आया।   पहले ga शुरू किया। सास-बहू ननद-भौजाई  कराई गई, लेकिन बच्चा सिर्फ पांच  पति-्पत्नी और परिवार की रोजमर्रा की दिन ही जीवित रह पाया। इसके नोक-्झोंक को कॉमेडी  #66 अहमदाबाद में करीब 4i aడ  22 वीडियो धीरे धीरे वायरल होने लगे और की जटिल सर्जरी हुई और उनकी पहचान एक कंटेंट क्रिएटर के रूप मे सात महीने तक कीमोथेरेपी चली। ইুঁ-সই লিব মুক্কান  बनने लगी। वर्षा शरीर कमजोर था, बाल झड चुके कहती  थे और मन अंदर से टूट चुका  अब अभिनय नहीं है बल्कि जिंदगी सेजंग  जीतने का सबूत है। आज कैमरे के सामने खड़े था, लेकिन पति   सासन्ससुर होकर हंसना मुझे याद दिलाता हैकिरमै मौत  ओर पूरे संयुक्त परिवार ने हर पहुंची हूं কী চযাকয যমা নক कदम पर सभाला। - ShareChat