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क़ितआ सागर सिद्दीकी #✒ शायरी
✒ शायरी - mreepik क़ितआ" reeei साक़िया एक जाम पीने से जन्नतें लड़खड़ा के मिलती हैं लाला-ओ-गुल कलाम करते हैं रहमतें मुस्कुरा के मिलती हैं (सागर सिद्दीकी) mreepik meepil reepik Motivatonat Videos App Want' mreepik क़ितआ" reeei साक़िया एक जाम पीने से जन्नतें लड़खड़ा के मिलती हैं लाला-ओ-गुल कलाम करते हैं रहमतें मुस्कुरा के मिलती हैं (सागर सिद्दीकी) mreepik meepil reepik Motivatonat Videos App Want' - ShareChat