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Health After 40 - 40 की उम्र के बाद इन बीमारियों से बचना है? तो ये चीज़ें ज़रूर जानिए और खाइए - 40 की उम्र के बाद शरीर में धीरे-धीरे बदलाव शुरू हो जाते हैं। काम का दबाव, भागदौड़ भरी ज़िंदगी, गलत खान-पान और बुरी आदतों की वजह से कई ऐसी समस्याएँ जन्म लेती हैं, जिनका हमें अंदाज़ा भी नहीं होता। अक्सर हम हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, हार्ट डिज़ीज़ और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों के बारे में तो जानते हैं,लेकिन कुछ ऐसी कम चर्चित लेकिन गंभीर समस्याएँ भी होती हैं, जिनका खतरा 40 के बाद तेजी से बढ़ता है। आइए जानते हैं ऐसी ही बीमारियों के बारे में और उनके बचाव के आसान उपाय। 1. ओवरएक्टिव ब्लैडर (Overactive Bladder) इस समस्या में व्यक्ति को पेशाब रोकने में परेशानी होती है। कई बार अचानक पेशाब निकल जाने की स्थिति बन जाती है, जिससे व्यक्ति सामाजिक जीवन से कटने लगता है। मुख्य कारण न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर डायबिटीज यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन ब्लैडर स्टोन या ट्यूमर प्रोस्टेट का बढ़ना कब्ज ज़्यादा कॉफी या शराब बढ़ती उम्र बचाव के लिए क्या करें नर्व्स को मज़बूत रखने के लिए हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, ब्रोकली, बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज खाएं डायबिटीज़ कंट्रोल में रखें पर्याप्त पानी पिएं धूम्रपान से दूर रहें कब्ज का इलाज कराएं वजन संतुलित रखें शराब और कॉफी सीमित करें रोज़ केगल एक्सरसाइज़ करें (ब्लैडर मसल्स मज़बूत होती हैं) 2. शरीर में मैग्नीशियम की कमी अगर आपका कोलेस्ट्रॉल कम ही नहीं हो रहा, तो इसकी एक वजह मैग्नीशियम की कमी भी हो सकती है। मैग्नीशियम शरीर में 300 से ज़्यादा ज़रूरी कार्य करता है, जैसे— एनर्जी बनाना नसों और मांसपेशियों का सही काम दिल की धड़कन नियंत्रित करना ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल कमी के लक्षण कमजोरी, थकान उल्टी या मतली मांसपेशियों में ऐंठन सुन्नपन, सुई चुभने जैसा एहसास दिल की धड़कन अनियमित होना मैग्नीशियम बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ पालक बादाम, काजू, मूंगफली साबुत अनाज सोया मिल्क काली दालें केला उबले आलू (छिलके सहित) 3. होमोसिस्टीन लेवल का बढ़ना होमोसिस्टीन शरीर में प्रोटीन टूटने के बाद बनने वाला वेस्ट पदार्थ है। अगर इसका स्तर बढ़ जाए, तो— हार्ट अटैक का खतरा 4 गुना स्ट्रोक नसों में ब्लॉकेज ऑस्टियोपोरोसिस डिमेंशिया और अल्ज़ाइमर का खतरा बढ़ जाता है मुख्य कारण विटामिन B12 की कमी विटामिन B9 (फोलेट) की कमी थायरॉयड की समस्या किडनी डिज़ीज़ जेनेटिक कारण क्या खाएं विटामिन B12: दूध, दही, पनीर, अंडे विटामिन B9: दालें, हरी सब्ज़ियाँ, चुकंदर, खट्टे फल, ब्रोकली, पपीता, केला, नट्स साथ ही थायरॉयड, डायबिटीज़ और बीपी को कंट्रोल में रखें। 4. कोलोन कैंसर (आंतों का कैंसर) 40 के बाद खासकर पुरुषों में इसका खतरा बढ़ता है। लक्षण बार-बार कब्ज या दस्त पॉटी में खून वजन कम होना पेट दर्द, गैस थकान और कमजोरी बचाव के उपाय फैट और तला हुआ खाना कम करें फाइबर भरपूर लें (सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज) किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें समय पर डॉक्टर को दिखाएं 5. मेल पैटर्न गंजापन 40–50 की उम्र तक 30–50% पुरुष इससे प्रभावित होते हैं। कारण जेनेटिक्स मेल हार्मोन में बदलाव स्मोकिंग बाल झड़ने से बचाव धूम्रपान छोड़ें रोज़ 4 मिनट सिर की मालिश संतुलित डाइट आयरन युक्त भोजन (हरी सब्ज़ियाँ, खजूर, किशमिश) ओमेगा-3 (अलसी, अखरोट) बायोटिन युक्त चीज़ें (नट्स, शकरकंद, ओट्स) पर्याप्त पानी पिएं 6. मांसपेशियों का कमजोर होना (Muscle Loss) 40 के बाद हर साल लगभग 1% मसल्स कम होने लगती हैं। नुकसान गिरने पर हड्डी टूटने का खतरा बीमारी से उबरने में समय दिल की कमजोरी बचाव का एक ही तरीका नियमित एक्सरसाइज़ (जिम, पुश-अप्स, दंड-बैठक, वॉक) हफ्ते में कम से कम 3 दिन व्यायाम प्रोटीन युक्त आहार विटामिन D और ओमेगा-3 Conclusion 40 की उम्र के बाद बीमारियाँ अचानक नहीं आतीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर में जगह बनाती हैं। अगर समय रहते सही खान-पान, एक्सरसाइज़ और लाइफस्टाइल अपनाई जाए, तो इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। आज से ध्यान रखें — शरीर आपका है, जिम्मेदारी भी आपकी। क्या आपने 40 के बाद अपने शरीर में कोई बदलाव महसूस किया है? हाँ या ना—कमेंट में लिखें। अगर जानकारी उपयोगी लगी हो तो ❤️, 👍 और शेयर ज़रूर करें! #⚕️आरोग्य #🌿आयुर्वेदा #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #💪हेल्थ टिप्स💪
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