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#गुलज़ार साहब जी की शायरी ✍️🙏
गुलज़ार साहब जी की शायरी ✍️🙏 - एलखा२ " वो सफर बचपन के अब तक हैं मुझे, याद आते सुबह जाना हा कहीं तो 09 रात भर सोते नही थे...      एलखा२ वो सफर बचपन के अब तक हैं मुझे, याद आते सुबह जाना हा कहीं तो 09 रात भर सोते नही थे... - ShareChat