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#शुभ दोपहर #दोपहर
शुभ दोपहर - शु४्व दावहर कश्तीं के मुसाफिरने समन्दर नहीं देखा , आँखोंको देखा परदिल मे उतर कर नहीं देखा, Golu মমন্সনট पत्थर मेरे चाहने वाले मुझे, हम तो मोम है किसी Golu नेछूकर नहीं देखा। Qooq A!texhoon ठ Golu शु४्व दावहर कश्तीं के मुसाफिरने समन्दर नहीं देखा , आँखोंको देखा परदिल मे उतर कर नहीं देखा, Golu মমন্সনট पत्थर मेरे चाहने वाले मुझे, हम तो मोम है किसी Golu नेछूकर नहीं देखा। Qooq A!texhoon ठ Golu - ShareChat