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##हरि_आये_हरियाणे_नूं qतीन देव की जो करते भक्ति! उनकी कबहु न होवै मुक्ति!! परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि जो साधक भूलवश तीनों देवताओं रजगुण ब्रह्मा, सतगुण विष्णु, तमगुण शिव की भक्ति करते हैं, उनकी कभी मुक्ति नहीं हो सकती
#हरि_आये_हरियाणे_नूं - d ज्योति निरंजन (काल ) (प्रकृति ) दुर्गा कबीर साहेब (परम अक्षर पुरुष ) विष्णु  जी [9d 5 6[ तिदेवों की उत्पत्ति का सच! ब्रह्मा , विष्णु और महेश (शिव) की उत्पत्ति काल ब्रह्म और दुर्गा (प्रकृति) से हुई है। ये तीनों देव रचना , पालन और संहार करते हैं, लेकिन ये सर्वोच्च परमात्मा नहीं हैं। सच्चाई जानने के लिए आगे स्वाइप करें - > d ज्योति निरंजन (काल ) (प्रकृति ) दुर्गा कबीर साहेब (परम अक्षर पुरुष ) विष्णु  जी [9d 5 6[ तिदेवों की उत्पत्ति का सच! ब्रह्मा , विष्णु और महेश (शिव) की उत्पत्ति काल ब्रह्म और दुर्गा (प्रकृति) से हुई है। ये तीनों देव रचना , पालन और संहार करते हैं, लेकिन ये सर्वोच्च परमात्मा नहीं हैं। सच्चाई जानने के लिए आगे स्वाइप करें - > - ShareChat