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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - अजीब मुकाम पर ठहरा हुआ है काफिला जिंदगी का चले थे. ढूड़ने  सुकून नींद ही गवा बैठे Guzar Ke Wora: अजीब मुकाम पर ठहरा हुआ है काफिला जिंदगी का चले थे. ढूड़ने  सुकून नींद ही गवा बैठे Guzar Ke Wora: - ShareChat