ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - भएक्रिपाल गुसाईआनठे सोगर्सतापा तती चाउन लगई सतिगुरिखे आपिण गुरु साहिब बताते हैं कि सोग दुख और संताप पीड़ा़ तभी तक ম নয हम उस मालिक से टूटे हुए हैं। जैसे ही वह कृपालु हैं जब तक भिखारी होता है, मन का भय और हृदय की पीडा़ समाप्त हो जाती है। संसार की कोई भी नकारात्मकता, कोई भी कड़वाहट या कोई जिओ भी विपत्ति उस मनुष्य का मानसिक संतुलन नहीं बिगाड़ सकती जिस पर गुरु ने मेहर भर हाथ रख लिया है। उसके भीतर एक 46TST ऐसी शीतलता आ जाती है कि बाहरकी तपिश उसे स्पर्श नहीं বাল लिए से जुड़  कर पाती। जो मनुष्य भी गुरु के चरणों ' गया, उसके दुनिया की बाधाएं और संताप बेअसर हो जाते हैं क्योंकि' गुरु ने बाबा स्वयं उसे अपनी ओट शरण में लेकर उसकी रक्षा की है। भावः U जैसे एक पिता अपने बच्चे को आंच से बचाने के लिए अपनी गोद में समेट लेता है, वैसे ही गुरु अपने भक्त के इर्द गिर्द एक अभेद्य सुरक्षा कवच बना देता हैl भएक्रिपाल गुसाईआनठे सोगर्सतापा तती चाउन लगई सतिगुरिखे आपिण गुरु साहिब बताते हैं कि सोग दुख और संताप पीड़ा़ तभी तक ম নয हम उस मालिक से टूटे हुए हैं। जैसे ही वह कृपालु हैं जब तक भिखारी होता है, मन का भय और हृदय की पीडा़ समाप्त हो जाती है। संसार की कोई भी नकारात्मकता, कोई भी कड़वाहट या कोई जिओ भी विपत्ति उस मनुष्य का मानसिक संतुलन नहीं बिगाड़ सकती जिस पर गुरु ने मेहर भर हाथ रख लिया है। उसके भीतर एक 46TST ऐसी शीतलता आ जाती है कि बाहरकी तपिश उसे स्पर्श नहीं लिए से जुड़  कर पाती। जो मनुष्य भी गुरु के चरणों ' गया, उसके दुनिया की बाधाएं और संताप बेअसर हो जाते हैं क्योंकि' गुरु ने बाबा स्वयं उसे अपनी ओट शरण में लेकर उसकी रक्षा की है। भावः U जैसे एक पिता अपने बच्चे को आंच से बचाने के लिए अपनी गोद में समेट लेता है, वैसे ही गुरु अपने भक्त के इर्द गिर्द एक अभेद्य सुरक्षा कवच बना देता हैl - ShareChat