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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - मेरा, लौट कर आये हो पूछने हाल पर तुम तो बिछड़ गए थे 0 ये सांवली रंगत हुई है कैसे ? तुम तो निखर गए थे ( मेरे हो' अबये कहते हो..? पर तुम तो मुकर गए थे कुछ पल में ही मिल गया यार तुमको? पर तुम तो कहते थे तुम बिखर गए थे मेरा, लौट कर आये हो पूछने हाल पर तुम तो बिछड़ गए थे 0 ये सांवली रंगत हुई है कैसे ? तुम तो निखर गए थे ( मेरे हो' अबये कहते हो..? पर तुम तो मुकर गए थे कुछ पल में ही मिल गया यार तुमको? पर तुम तो कहते थे तुम बिखर गए थे - ShareChat