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# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - "हिसाब कभी रखा ही नहीं मैने कितना पाया और कितना गंवाया है चाहत ये है कि बस दुःख वहाँ से न मिले जहां मैंने सुकून लुटाया है। ' "हिसाब कभी रखा ही नहीं मैने कितना पाया और कितना गंवाया है चाहत ये है कि बस दुःख वहाँ से न मिले जहां मैंने सुकून लुटाया है। ' - ShareChat