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# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - मुझे ही क्यों ख्याल आता है कि किसी को किसी को यह ख्याल क्यों बुरा ना लगे.. ! அ नहीं आता की मुझे भी बुरा लगता है..! ! मुझे ही क्यों ख्याल आता है कि किसी को किसी को यह ख्याल क्यों बुरा ना लगे.. ! அ नहीं आता की मुझे भी बुरा लगता है..! ! - ShareChat
# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - "हिसाब कभी रखा ही नहीं मैने कितना पाया और कितना गंवाया है चाहत ये है कि बस दुःख वहाँ से न मिले जहां मैंने सुकून लुटाया है। ' "हिसाब कभी रखा ही नहीं मैने कितना पाया और कितना गंवाया है चाहत ये है कि बस दुःख वहाँ से न मिले जहां मैंने सुकून लुटाया है। ' - ShareChat
# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - शब्द और सोच अक्सर दूरियां बढ़ा देती है, कभी हम समझ नहीं पाते. और कभी हम समझा नहीं पाते. . ! ! शब्द और सोच अक्सर दूरियां बढ़ा देती है, कभी हम समझ नहीं पाते. और कभी हम समझा नहीं पाते. . ! ! - ShareChat
# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - पता नहीं किस कलम से लिखी है किस्मत हमारी ।। जब भी थोड़ा खुश होने को होते हैं तभी एक नया दर्द मिल जाता है..!! ikhl पता नहीं किस कलम से लिखी है किस्मत हमारी ।। जब भी थोड़ा खुश होने को होते हैं तभी एक नया दर्द मिल जाता है..!! ikhl - ShareChat
# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - जीते थे हम भी कभी शान से , महक उठी थी जिंदगी किसी के नाम से , मगर फिर गुज़रे उस मुकाम से, कि नफ़रत सी हो गई मोहब्बत के नाम से..!! जीते थे हम भी कभी शान से , महक उठी थी जिंदगी किसी के नाम से , मगर फिर गुज़रे उस मुकाम से, कि नफ़रत सी हो गई मोहब्बत के नाम से..!! - ShareChat
# Dil ki awaaz
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# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - जीते थे हम भी कभी शान से , महक उठी थी जिंदगी किसी के नाम से , मगर फिर गुज़रे उस मुकाम से, कि नफ़रत सी हो गई मोहब्बत के नाम से..!! जीते थे हम भी कभी शान से , महक उठी थी जिंदगी किसी के नाम से , मगर फिर गुज़रे उस मुकाम से, कि नफ़रत सी हो गई मोहब्बत के नाम से..!! - ShareChat
# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - सिगरेट की डिब्बे की बजाये लोगों के चेहरे पर लिखना चाहिए. human attachment arel injurious to health. सिगरेट की डिब्बे की बजाये लोगों के चेहरे पर लिखना चाहिए. human attachment arel injurious to health. - ShareChat
# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - NOteS eyours_rohit_4646 Deep लाइन है दोबारा पढ़ो... काफी अच्छा समय बिता है साथ मैं काफी अच्छी याद কী নুস. ! ! बहुत कुछ कहना था तुमसे पर जाओ अब आजाद हा तुम.. ! !  ey porta narQ et; eget tris  fames ' volutpat malesuada  @ ac ante diam imperdiet చpsum libero  C0 . P30 malesuada  ristique primis ornare nec 1es vehic ৭০ Sed ante  condime  msan justo ৭ eleil 108 0 '7 ~ಲ - NOteS eyours_rohit_4646 Deep लाइन है दोबारा पढ़ो... काफी अच्छा समय बिता है साथ मैं काफी अच्छी याद কী নুস. ! ! बहुत कुछ कहना था तुमसे पर जाओ अब आजाद हा तुम.. ! !  ey porta narQ et; eget tris  fames ' volutpat malesuada  @ ac ante diam imperdiet చpsum libero  C0 . P30 malesuada  ristique primis ornare nec 1es vehic ৭০ Sed ante  condime  msan justo ৭ eleil 108 0 '7 ~ಲ - - ShareChat
# Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - Hayee क्या शायरी हैं. दुआ मांगी थी आशियाने की चल पड़ी आँधी जमाने कि. मेरा दर्द कोई नहीं समझ पाया क्युकी मुझे आदत थी मुस्कुराने की..!!@ Hayee क्या शायरी हैं. दुआ मांगी थी आशियाने की चल पड़ी आँधी जमाने कि. मेरा दर्द कोई नहीं समझ पाया क्युकी मुझे आदत थी मुस्कुराने की..!!@ - ShareChat