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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲हदीस🕌 #🤲 इबादत #🤲 दुआएं #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स. ) ने फ़रमायाः "जो व्यक्ति यह चाहता है कि उसकी दुआ स्वीकार हो, उसे अपनी कमाई को (पाकीज़ा ) करना चाहिए। " एक दिन एक शख़्स ने अल्लाह के रसूल ब५क से कहा, " मैं चाहता हूँ कि मेरी दुआ क़ुबूल हो। " रसूल-ए-खुदा ने जवाब दियाः "अपने भोजन को शुद्ध करो और हराम (गलत तरीके से कमाया हुआ) न खाओ। " अल॰्काफी : ज़िल्द २, पे. ४८६ बहार उल-अनवार : ज़िल्द ९०, पे. ३७३) इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स. ) ने फ़रमायाः "जो व्यक्ति यह चाहता है कि उसकी दुआ स्वीकार हो, उसे अपनी कमाई को (पाकीज़ा ) करना चाहिए। " एक दिन एक शख़्स ने अल्लाह के रसूल ब५क से कहा, " मैं चाहता हूँ कि मेरी दुआ क़ुबूल हो। " रसूल-ए-खुदा ने जवाब दियाः "अपने भोजन को शुद्ध करो और हराम (गलत तरीके से कमाया हुआ) न खाओ। " अल॰्काफी : ज़िल्द २, पे. ४८६ बहार उल-अनवार : ज़िल्द ९०, पे. ३७३) - ShareChat