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*सारे जगत को देने वाले* *मैं क्या तुझको भेंट चढ़ाऊँ,* *जिसके नाम से आए खुशबू* *मै क्या उसको फूल चढ़ाऊँ !!.* *वो तैरते तैरते डूब गये, जिन्हे खुद पर गुमान था।।* *और वो डूबते डूबते भी तर गये.. जिन पर तू मेहरबान था।।* सुप्रभात #☝अनमोल ज्ञान #📒 मेरी डायरी #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार