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पानी के बुलबुले जैसा है जीवन | संतों की सच्ची चेतावनी | Sant Rampal Ji Satsang | SATLOK ASHRAM ____________ यह शरीर स्थायी नहीं है — संतों ने इसे बालू की दीवार और पानी के बुलबुले के समान बताया है। फिर भी इंसान इसे ही सब कुछ मानकर भक्ति और परमात्मा को भूल जाता है। जब तक पूर्व जन्म के पुण्य चलते हैं, तब तक जीवन अच्छा लगता है — लेकिन जैसे ही कर्मों का प्रभाव बदलता है, दुख और संकट शुरू हो जाते हैं। इस वीडियो में जानिए: 👉 शरीर की असली सच्चाई क्या है 👉 क्यों जीवन का कोई भरोसा नहीं 👉 कर्मों का पूरा हिसाब कैसे काम करता है 👉 क्यों अभी से भक्ति करना जरूरी है संतों का संदेश साफ है — अगर इस मानव जीवन में भगवान को नहीं पाया, तो फिर केवल पछतावा ही बचेगा। https://www.facebook.com/share/v/1AtiThGrHY/ #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕌मस्जिद 🤲 #✝चर्च
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