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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - मैरे महावीर झूले-पालना महोत्सव  २४ तीर्थंकरों को २४ पालनों में झुलाया, २ ६२५ दीयों से की महावीरजी की आरती  م ஆ ஈ u ةمطع  மமட்ப      भगवान महावीर के २६२५वें जन्म जयपुर कल्याणक के अवसर पर जयपुर में पहली मेरे महावीर झूले पालना महोत्सव का बार आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज के सान्निध्य में भट्टारक जी की नसिया में संपन्न हुआ। হসন  24 में झुलाया " पालनों तीर्थंकरों को अलग ्अलग  ने अपने नन्हे बच्चों को श्रद्धालुओं गया। तीर्थंकरों के रूप में सजाकर पालना झुलाया और इसके बाद श्रीजी का झूला उन भक्तों को सौंपा गया, जो अपनी संतान को भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चलाना चाहते हैं। मुख्य संयोजक राजीव जैन ने बताया  को भगवान कि २४ परिवारों के २४ बालकों मिला महावीर के बाल स्वरूप में सजाया गया। जबकि भगवान महावीर को पालने में अभिभावकों ने माता त्रिशला और पिता . विराजमान कराने का सौभाग्य प्रिंसी अरिहंत  सिद्धार्थ के रूप में बच्चों को पालनों में जैन और राहुल सौम्या पाटनी को प्राप्त हुआ।  ने ೫ २६२५  दीपकों से अष्टकुमारियों  भव्य मंगल आरती कार्यक्रम झुलाया।  आकर्षक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुति दी और  की गई। गुरु आस्था परिवार के अध्यक्ष देवेंद्र  माता त्रिशला कौ सेवा तथा बाल महावीर की  बाकलीवाल ने कि श्री मुनि सेवा समिति  ননামা झांकी प्रस्तुत को। १०८ बालकों ने राजकुमार  बापू नगर के सहयोग से कार्यकम संपन्न हुआ।  के साथ क्रीड़ा का राजस्थान তীন महावीर ( सक्षम गोधा सभा के अध्यक्ष सुभाष पड्या  मंत्री गनीष बैद किया। प्रथम पालना मनमोहक दृश्य प्रस्तुत  सुरेश सबलावत सहित कई व्यक्तियों ने भी सहभागिता का साभाग्य चिवेक आशा काला को গুলান  निभाई। फसोंकीकहानिय आज0 n मैरे महावीर झूले-पालना महोत्सव  २४ तीर्थंकरों को २४ पालनों में झुलाया, २ ६२५ दीयों से की महावीरजी की आरती  م ஆ ஈ u ةمطع  மமட்ப      भगवान महावीर के २६२५वें जन्म जयपुर कल्याणक के अवसर पर जयपुर में पहली मेरे महावीर झूले पालना महोत्सव का बार आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज के सान्निध्य में भट्टारक जी की नसिया में संपन्न हुआ। হসন  24 में झुलाया " पालनों तीर्थंकरों को अलग ्अलग  ने अपने नन्हे बच्चों को श्रद्धालुओं गया। तीर्थंकरों के रूप में सजाकर पालना झुलाया और इसके बाद श्रीजी का झूला उन भक्तों को सौंपा गया, जो अपनी संतान को भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चलाना चाहते हैं। मुख्य संयोजक राजीव जैन ने बताया  को भगवान कि २४ परिवारों के २४ बालकों मिला महावीर के बाल स्वरूप में सजाया गया। जबकि भगवान महावीर को पालने में अभिभावकों ने माता त्रिशला और पिता . विराजमान कराने का सौभाग्य प्रिंसी अरिहंत  सिद्धार्थ के रूप में बच्चों को पालनों में जैन और राहुल सौम्या पाटनी को प्राप्त हुआ।  ने ೫ २६२५  दीपकों से अष्टकुमारियों  भव्य मंगल आरती कार्यक्रम झुलाया।  आकर्षक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुति दी और  की गई। गुरु आस्था परिवार के अध्यक्ष देवेंद्र  माता त्रिशला कौ सेवा तथा बाल महावीर की  बाकलीवाल ने कि श्री मुनि सेवा समिति  ননামা झांकी प्रस्तुत को। १०८ बालकों ने राजकुमार  बापू नगर के सहयोग से कार्यकम संपन्न हुआ।  के साथ क्रीड़ा का राजस्थान তীন महावीर ( सक्षम गोधा सभा के अध्यक्ष सुभाष पड्या  मंत्री गनीष बैद किया। प्रथम पालना मनमोहक दृश्य प्रस्तुत  सुरेश सबलावत सहित कई व्यक्तियों ने भी सहभागिता का साभाग्य चिवेक आशा काला को গুলান  निभाई। फसोंकीकहानिय आज0 n - ShareChat