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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 25-01-26 रथ सप्तमी रविवार माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन रथ सप्तमी का पर्व मनाया जाता है, सूर्य देव के उत्तरायण होने पर प्रकृति में व्याप्त असीम ऊर्जा को प्राप्त करने के लिए यह तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है। इस दिन सूर्यदेव की किरणें औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। रथ सप्तमी पर्व माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन मनाया है, इस दिन भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करके उनकी UIdT विधिपूर्वक पूजा की जाती है। रथ सप्तमी को विभिन्न नामों से जाना जाता है, माघ शुक्ल सप्तमी के कारण इसे माघी सप्तमी, अचला सप्तमी आरोग्य सप्तमी, रथ आरोग्य सप्तमी और अर्क सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। रथ सप्तमी के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करके उगते हुए सूर्य का दर्शन एवं उन्हें ऊँ घृणि सूर्याय नमः कहते हुए जल अर्पित करें। सूर्यदेव की किरणों को लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल दें। सूर्यदेव को जल देने के पश्चात् ` बैठकर पूर्व दिशा की ओर लाल आसन पर मुख करके एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर मंत्र का १०८ बार जप करें। சிஸ करने से और दान- पुण्य करने से रथ सप्तमी के दिन सूर्य देव व्यक्ति को निरोगी शरीर और सफलता ्यश का वरदान मिलता है। 25-01-26 रथ सप्तमी रविवार माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन रथ सप्तमी का पर्व मनाया जाता है, सूर्य देव के उत्तरायण होने पर प्रकृति में व्याप्त असीम ऊर्जा को प्राप्त करने के लिए यह तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है। इस दिन सूर्यदेव की किरणें औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। रथ सप्तमी पर्व माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन मनाया है, इस दिन भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करके उनकी UIdT विधिपूर्वक पूजा की जाती है। रथ सप्तमी को विभिन्न नामों से जाना जाता है, माघ शुक्ल सप्तमी के कारण इसे माघी सप्तमी, अचला सप्तमी आरोग्य सप्तमी, रथ आरोग्य सप्तमी और अर्क सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। रथ सप्तमी के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करके उगते हुए सूर्य का दर्शन एवं उन्हें ऊँ घृणि सूर्याय नमः कहते हुए जल अर्पित करें। सूर्यदेव की किरणों को लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल दें। सूर्यदेव को जल देने के पश्चात् ` बैठकर पूर्व दिशा की ओर लाल आसन पर मुख करके एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर मंत्र का १०८ बार जप करें। சிஸ करने से और दान- पुण्य करने से रथ सप्तमी के दिन सूर्य देव व्यक्ति को निरोगी शरीर और सफलता ्यश का वरदान मिलता है। - ShareChat