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फुलेरा दूज #शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - सरोवर 19-02-26 फुलैरा दूज गुरुवार फाल्गुन माह की द्वितीया को मनायी जाने वाली फुलैरा दूज, को इस त्यौहार को फूलों से रंगोली होली आगमन का प्रतीक माना जाता है।  बनाई जाती है तथा विशेष रूप से श्री राधाकृष्ण का " फूलों से करके उनकी पूजा की जाती है।  9ITR कि फुलेरा दूज को साल का सबसे शुभ मुहूर्त क्यों r क्या आप जानते हैं जाता है? ೫೯ दूज, फाल्गुन माह की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और यह प्रेम व वैवाहिक फुलेरा में मधुरता लाने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन बिना किसी पंचांग के भी शुभ जीवन कार्यों को संपन्न करना शुभ होता है। राधा ्कृष्ण की पूजा विशेष महत्व रखती है, जिससे दूर होती हैं। प्रेम और दांपत्य जीवन की समस्याएं के साथ होली खेलते हैं और फुलेरा दूज की मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ক্ুলী शुभ पूर्व संध्या पर होली के त्योहार में भाग लेते हैं। पूजन विधि में स्नान के बाद से राधा ्कृष्ण की प्रतिमा सजाएं और पुष्पों ; सुगंधित ' मधुराष्टक का पाठ करें। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता 8r81] सरोवर 19-02-26 फुलैरा दूज गुरुवार फाल्गुन माह की द्वितीया को मनायी जाने वाली फुलैरा दूज, को इस त्यौहार को फूलों से रंगोली होली आगमन का प्रतीक माना जाता है।  बनाई जाती है तथा विशेष रूप से श्री राधाकृष्ण का " फूलों से करके उनकी पूजा की जाती है।  9ITR कि फुलेरा दूज को साल का सबसे शुभ मुहूर्त क्यों r क्या आप जानते हैं जाता है? ೫೯ दूज, फाल्गुन माह की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और यह प्रेम व वैवाहिक फुलेरा में मधुरता लाने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन बिना किसी पंचांग के भी शुभ जीवन कार्यों को संपन्न करना शुभ होता है। राधा ्कृष्ण की पूजा विशेष महत्व रखती है, जिससे दूर होती हैं। प्रेम और दांपत्य जीवन की समस्याएं के साथ होली खेलते हैं और फुलेरा दूज की मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ক্ুলী शुभ पूर्व संध्या पर होली के त्योहार में भाग लेते हैं। पूजन विधि में स्नान के बाद से राधा ्कृष्ण की प्रतिमा सजाएं और पुष्पों ; सुगंधित ' मधुराष्टक का पाठ करें। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता 8r81] - ShareChat