श्री पितृ बीसा (पितृदोष निवारण स्तोत्र)
स्तोत्र का परिचय एवं महत्व
यह "पितृ बीसा" एक अत्यंत शक्तिशाली पितृ-स्तोत्र है, जो कुल के पितरों को शांति, संतुष्टि एवं सद्गति प्रदान करने के लिए रचा गया है। यह स्तोत्र विशेष रूप से उनके लिए है जो पितृदोष, कुलदोष, अकाल मृत्यु, संतान बाधा, आर्थिक संकट या पारिवारिक कलह से पीड़ित हैं। इसके नियमित पाठ से पितर बंधन मुक्त होते हैं, तांत्रिक प्रभाव समाप्त होते हैं, और पितरों की अपार कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
मूल पाठ
दोहा ॥
पितरदेव करो कृपा, करो हृदय में वास।
मनोकामनासिद्ध करो, पुरवहु मेरी आस।।
चौपाई ॥
पितर परम पर्वता विराजे
हम कर जोड़खड़े सकारे ॥१॥
होम धूप की होये अग्यारी
पितर देव दरबार तुम्हारी॥२॥
पितर मनावे घर द्वार में
बरकर बरसेबार-बार में ॥३॥
आज मैं अपने पितर मनाऊं
सातोंसात ही शीश नवाऊं ॥४॥
सातो नित्य पितर हमारे
अपनेघर को आये सम्हारे ॥५॥
मोही अनाथ की सुधि अब लीजे
संकट काटीसुख संपत्ति दीजे ॥६॥
भूल-चूक करो क्षमा हमारी
दर्शन दीजेदशा निहारी ॥७॥
नहि मोहि ज्ञान बुद्धि है तन में
सब जान होअपने मन में ॥८॥
तुम सम प्रबल शक्ति वही आनि
कह लोमहिमा करो बखानी ॥९॥
मन क्रम वचन करे सेवकाई
इन इच्छित वांछित फल पाई॥१०॥
वसु रूपी पितर हमारे
क्षण मेंही सब काज संवारे ॥११॥
रुद्र रूपी पितर हमारे
भारीसे भारी संकट टारे ॥१२॥
आदित्य रूपी पितर संत हैं
इनकीकृपा से ग्रीष्म वसंत है ॥१३॥
पितर महिमा बुद्धि बड़ाई
शेष सहस मुख सकेन गाई ॥१४॥
मैं मतिहीन मलीन दुखारी
करहुकौन विधि विनय तुम्हारी ॥१५॥
चौदस मावस तिथि अति प्यारी
भोग लगावेदुनिया सारी ॥१६॥
पितरों को जो गंगा नहावे
रोग क्लेश घर मेंना आवे ॥१७॥
पितरों के लिये तर्पण जो करते
पितर उनकेभंडार हैं भरते ॥१८॥
पितर अब दया दीन नर कीजे
अपनीभक्ति शक्ति कछु दीजे ॥१९॥
यहि मोर अरदास हाथ जोड़ विनती करूं
सब विधिकरो सुवास
जय पितर देवताओं॥२०॥
अंत में यह पाठ करें
ॐ नमो वः पितरो रसाय नमो वः
पितरःशोषायः नमो वः पितरो जीवाय
नमोवः पितर माये नमो वः पितरो
घोराय नमोवः पितरो मन्यवे
नमोवः पितरः पितरो नमो वो ग्रहान्न
पितरोदस सतो वः देष्यमैतद्धः
पितरोवास आधत्त।
ॐ श्रीसद्गुरुदेवाय नमः
ॐ श्रीजयादुर्गायै नमः
पूर्ण साधना विधि (पितृ बीसा सिद्धि हेतु)
१. पितृ बीसा का पाठ विधान
· समय: प्रतिदिन प्रातःकाल या सायंकाल, विशेषतः अमावस्या, पितृ पक्ष या चौदस तिथि को।
· स्थान: घर के पूजा स्थल में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके।
· आसन: पीला या लाल आसन बिछाकर बैठें।
· संकल्प: हाथ में जल, पुष्प और सिक्का लेकर संकल्प करें:
"मैं अपने कुल के पितरों की शांति, सद्गति एवं उनकी कृपा की प्राप्ति हेतु यह पितृ बीसा पाठ कर रहा/रही हूँ।"
२. आहुति विधि (पितृ बीसा सिद्धि हेतु अनिवार्य)
पितृ बीसा का पाठ करने के पश्चात् यह आहुति अवश्य करें:
1. दुग्ध धारा: ताँबे के पात्र में कच्चा दूध लेकर, उस स्थान पर जहाँ पाठ किया है, तीन बार धारा प्रवाहित करें (दूध चढ़ाएँ)।
2. कपूर आहुति: पाँच कपूर लें। प्रत्येक कपूर के ऊपर एक-एक लौंग रखें। इन पाँचों कपूर को क्रमशः जलाएँ (आहुति दें)।
३. नियमित पाठ विधि
· सामान्य स्थिति में: प्रतिदिन ११ बार इस स्तोत्र का पाठ करें।
· गंभीर पितृदोष/बाधा में:
· प्रतिदिन ११ बार पितृ बीसा का पाठ करें।
· साथ ही "स्वधा स्तोत्र" का पाठ करें (यदि संभव हो)।
· अत्यधिक दिक्कत हो तो श्रीमद्भगवद्गीता के नवम अध्याय का पाठ पितृ बीसा के साथ संयुक्त रूप से करें।
फलश्रुति एवं लाभ
1. पितरों की सद्गति: यदि कुल के पितर किसी बंधन, तांत्रिक मंडल या नकारात्मक शक्ति के प्रभाव में हैं, तो इस पाठ से वे बंधन मुक्त होकर सद्गति प्राप्त करते हैं।
2. पितृ कृपा का वर्षाव: सद्गति प्राप्त करने के बाद पितर देव काव्य (पितृलोक) से कृपा बरसाते हैं और अपने वंशजों की रक्षा करते हैं।
3. पितृदोष एवं ग्रहदोष निवारण: यह स्तोत्र पितृदोष एवं ग्रहदोष को हाथरस (सहजता) के देशों की भाँति समाप्त कर देता है।
4. संकट मोचन एवं सुख-संपत्ति: पितरों की कृपा से भारी से भारी संकट टल जाते हैं तथा घर में सुख, संपत्ति एवं अन्न-धन का भंडार भर जाता है।
5. रोग-क्लेश निवारण: जो पितरों के लिए तर्पण एवं यह पाठ करते हैं, उनके घर रोग और क्लेश नहीं आते।
6. संतान सुख: संतान बाधा, काकवंध्या, मृतवत्सा आदि समस्याओं में यह स्तोत्र अत्यंत प्रभावशाली है।
महत्वपूर्ण निर्देश
· यह स्तोत्र पूर्ण श्रद्धा, विश्वास और नियमितता के साथ करना चाहिए।
· पाठ के दौरान सात्विक भोजन का पालन करें, तामसी वस्तुओं से बचें।
· दुग्ध धारा और कपूर आहुति इस साधना का अभिन्न अंग है – इसे अनिवार्य रूप से करें।
· पितृ पक्ष, अमावस्या और संक्रांति के दिन इसका विशेष महत्व है।
· अत्यधिक गंभीर पितृदोष होने पर किसी योग्य गुरु या विद्वान ब्राह्मण से पितृ शांति का विधान कराएँ। #पितर #🙏पितर पक्ष 🙏 #पितर पक्ष की श्राद्ध पक्ष की हार्दिक शुभकामनाएं #पितर पक्ष # पितरों की पूजा # श्राद्ध वीडियो # #पितर पूजा विधि @


