ShareChat
click to see wallet page
search
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन तो नहीं, मेरा भी अपना वजूद है मैं कोई आईना तो नहीं| @shary Of gulzar तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन तो नहीं, मेरा भी अपना वजूद है मैं कोई आईना तो नहीं| @shary Of gulzar - ShareChat