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नज्म मज़ाज #✒ शायरी
✒ शायरी - "নড়ম' इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन पतली बाँहें पतली गर्दन भोर भए मंदिर आई है आई नहीं है माँ लाई है से पहले जाग उठी है वक़्त नींद अभी आँखों में भरी है ठोड़ी तक लट आई हुई है यूँही सी लहराई हुई है आँखों में तारों की चमक है मुखड़े पे चाँदी की झलक है कैसी सुंदर है क्या कहिए नन्ही सी इक सीता कहिए धूप चढ़े तारा चमका है फूल खिला है पत्थर पर इक चाँद का टुकड़ा फूल की डाली कम सिन सीधी भोली भाली हाथ में पीतल की थाली है में चाँदी की बाली है কান दिल में लेकिन ध्यान नहीं है पूजा का कुछ ज्ञान नहीं है कैसी भोली छत देख रही है माँ बढ कर चुटकी लेती है चुपके चुपके हँस देती है हँसना रोना उस का मज़हब उस को पूजा से क्या मतलब ख़ुद तो आई है मंदिर में मन उस का है गुड़िया घर में मज़ाज Motivational Videos Appl Want "নড়ম' इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन पतली बाँहें पतली गर्दन भोर भए मंदिर आई है आई नहीं है माँ लाई है से पहले जाग उठी है वक़्त नींद अभी आँखों में भरी है ठोड़ी तक लट आई हुई है यूँही सी लहराई हुई है आँखों में तारों की चमक है मुखड़े पे चाँदी की झलक है कैसी सुंदर है क्या कहिए नन्ही सी इक सीता कहिए धूप चढ़े तारा चमका है फूल खिला है पत्थर पर इक चाँद का टुकड़ा फूल की डाली कम सिन सीधी भोली भाली हाथ में पीतल की थाली है में चाँदी की बाली है কান दिल में लेकिन ध्यान नहीं है पूजा का कुछ ज्ञान नहीं है कैसी भोली छत देख रही है माँ बढ कर चुटकी लेती है चुपके चुपके हँस देती है हँसना रोना उस का मज़हब उस को पूजा से क्या मतलब ख़ुद तो आई है मंदिर में मन उस का है गुड़िया घर में मज़ाज Motivational Videos Appl Want - ShareChat