My Bite
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कौन फरियाद करे अब यूँ ही,
तेरे इश्क-ए-पैमाने से।
जब मुस्कुराहट ही कत्ल करे,
बरबस बेरहम हो बहाने से।
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इतनी खामोशी से,
यूँ भी न सवाल कीजिए।
मुँह खोलिए और
लबों से भी कत्लेआम कीजिए।
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खिलखिलाती कश्ती और,
एक खुश्क समन्दर देखा।
कमबख्त दिल जब भी झाँका,
उसे अपने ही अंदर देखा।
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बमुश्किल नजर आकर जो,
इस कदर भी इतराते हो...
ऐ जिंदगी कुछ पता है,
तुम क्या-क्या गुल खिलाते हो!
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नजर अनजाने बन,
जब-जब सवाल करते हैं।
बाखुदा तब-तब,
ये बहुत ही परेशान करते हैं।
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मुहब्बत के फार्मूलों में अब,
हमे भी कुछ हिसाब दीजिये।
दिल है आपका लाइब्रेरी,
पढ़ने को हमे भी एक किताब दीजिये।
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तुम भी समझ ना पाओगे,
यूँ ही दिलों के सिलसिले।
जब भी हाँथ लगाओगे,
हर नब्ज यूँ गुलाम होंगे।
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हाथों की लकीरें पढने वालों ने तो….
होश ही उड़ा दिये..!!
बस देखते ही कहा….
“तुझे मौत नहीं
किसी की चाहत मार डालेगी…."
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सोंच समझ कर ही जनाब,
नजर को मिलाइये।
भले मुस्कुराइये पर,
जालिम यूँ नजर न लगाइये।
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प्यारी-प्यारी अच्छी-अच्छी,
दिल की छोटी-छोटी हर बातें।
बढ़ा देती हैं खूबसूरती कोे....
फिर छोटी-छोटी सी ये जज्बातें।
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हाँ अपना कुछ भी न रहा,
सामने से जो मुस्कुराती तुम आई थी।
जान तो वहीं निकल गए थे जालिम,
जब जानबूझकर ही...
तुम जोरो से खिलखिलाई थी।
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अगर इश्क़ में गहराई है,
तो चल डुबो दे मुझे ऐ संगदिल।
समंदर नाकाम रहा......
अब तेरे आँखो की बारी है….!!😉
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उनकी अदा कुछ ऐसे भा गई,
फिर नज़रें मिली जमीं पे टकरा गई।
जब समझाया अपनों से कैसा शर्माना,
ख़ुदा कसम...
खिलखिलाई दिल पे हथौरा चला गई।💕💞
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...........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️