ShareChat
click to see wallet page
search
क्या सच में वो सब मिल गया तुम्हें, जिसके लिए तुमने मेरे निश्चल प्रेम को ठुकरा दिया? बताओ… क्या कहीं ऐसा सुकून मिला, जैसा मेरे बचपने भरे अपनापन में था? क्या किसी ने तुम्हें वैसे समझा, जैसे मैं बिना कहे समझ लिया करता था? क्या तुमने मुझसे अधिक सच्चा प्रेम पाया, या मुझसे बेहतर कोई इंसान मिला? कभी-कभी सोचता हूँ — क्या मैं तुम्हें याद नहीं आता? क्या सच में तुम बिना रुके जी लेती हो, बिना उस एहसास के कि तुम्हारी ज़िंदगी से कुछ बहुत अपना छूट गया है? क्या हर निवाला सहज उतर जाता है, या कहीं एक खामोशी गले में अटकती है? मैं शिकायत नहीं करता… बस जानना चाहता हूँ — क्या #??? तुम्हारी उस जिद ने तुम्हें वो खुशी दी, जिसके लिए तुमने हमारा सब कुछ पीछे छोड़ दिया, या फिर कभी अकेले में तुम्हें भी एहसास होता है कि तुमने क्या खो दिया।
??? - सच में वो सब मिल गया तुम्हें, जिसके लिए तुमने मेरे ಹl निश्चल ' प्रेम को ठुकरा दिया? क्या कहीं ऐसा सुकून मिला, जैसा मेरे बचपने भरे बताओ . अपनापन में था? क्या किसी ने तुम्हें वैसे समझा , जैसे मैं क्या तुमने ' बिना कहे समझ लिया करता था? अधिक मुझसे , मिला? सच्चा प्रेम पाया , बेहतरकोई इंसान' ue कभी कभी सोचता हूँ - क्या मैं तुम्हें याद नहीं आता? क्या सच में तुम बिना रुके जी लेती हो, बिना उस एहसास के कि ज़िंदगी से कुछ बहुत छूट गया हैे? क्या हर अपन नुम्हारी निवाला सहज उतर जाता हे॰ या कहीं एक खामोशी गले में अटकती ह२ मैं शिकायत नहीं करता., बस जानना चाहता हूँ - क्या उस जिद ने तुम्हें वो खुशी दी॰ जिसके लिए नुमने तुम्हारी : हमारा सब कुछ पीछे छोड़ दिया, या फिरकभी अकेले में तुम्हें भी एहसास होता है कि तुमने क्या खो दिया। सच में वो सब मिल गया तुम्हें, जिसके लिए तुमने मेरे ಹl निश्चल ' प्रेम को ठुकरा दिया? क्या कहीं ऐसा सुकून मिला, जैसा मेरे बचपने भरे बताओ . अपनापन में था? क्या किसी ने तुम्हें वैसे समझा , जैसे मैं क्या तुमने ' बिना कहे समझ लिया करता था? अधिक मुझसे , मिला? सच्चा प्रेम पाया , बेहतरकोई इंसान' ue कभी कभी सोचता हूँ - क्या मैं तुम्हें याद नहीं आता? क्या सच में तुम बिना रुके जी लेती हो, बिना उस एहसास के कि ज़िंदगी से कुछ बहुत छूट गया हैे? क्या हर अपन नुम्हारी निवाला सहज उतर जाता हे॰ या कहीं एक खामोशी गले में अटकती ह२ मैं शिकायत नहीं करता., बस जानना चाहता हूँ - क्या उस जिद ने तुम्हें वो खुशी दी॰ जिसके लिए नुमने तुम्हारी : हमारा सब कुछ पीछे छोड़ दिया, या फिरकभी अकेले में तुम्हें भी एहसास होता है कि तुमने क्या खो दिया। - ShareChat