ShareChat
click to see wallet page
search
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान संत गरीबदास जी महाराज का 61 वर्ष की आयु में सतलोक गमन संत गरीबदास जी महाराज ने 61 वर्ष की आयु में सन 1778 में सतलोक गमन किया। ग्राम छुड़ानी में शरीर का अंतिम संस्कार किया गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है। इसके बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर उत्तरप्रदेश में 35 वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है।
#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - 00DUD १० वर्ष की आयु में बालक गरीबदास जी नला नामक स्थान पर गौएँ चरा रहे थे, जहाँ उनकी भेंट जिंदा महात्मा के वेश में आए परम अक्षर ब्रह्म कबीर साहेब से हुई। भोजन के स्थान पर इच्छा प्रकट करते हुए कबीर साहेब ने एक  கி बछिया का दूध पीने की बात कही| गरीबदास जी के बर्तन रखते कुंवारी  ही प्रभु के आशीर्वाद से बछिया दूध देने लगी। अन्य पालियों ने उस दूध को पीने से मना कर दिया, किंतु गरीबदास जी ने उसे पूर्ण श्रद्घा से पिया। इसके पश्चात कबीर साहेब ने उन्हें तत्वज्ञान ज्ञान करवाया | মন যসঘালসী সঙাযস সী ম Sant Rampal ji Maharaj 00DUD १० वर्ष की आयु में बालक गरीबदास जी नला नामक स्थान पर गौएँ चरा रहे थे, जहाँ उनकी भेंट जिंदा महात्मा के वेश में आए परम अक्षर ब्रह्म कबीर साहेब से हुई। भोजन के स्थान पर इच्छा प्रकट करते हुए कबीर साहेब ने एक  கி बछिया का दूध पीने की बात कही| गरीबदास जी के बर्तन रखते कुंवारी  ही प्रभु के आशीर्वाद से बछिया दूध देने लगी। अन्य पालियों ने उस दूध को पीने से मना कर दिया, किंतु गरीबदास जी ने उसे पूर्ण श्रद्घा से पिया। इसके पश्चात कबीर साहेब ने उन्हें तत्वज्ञान ज्ञान करवाया | মন যসঘালসী সঙাযস সী ম Sant Rampal ji Maharaj - ShareChat