#जय मां दुर्गा
अचानक आई भारी मुसीबत या संकट के समय दुर्गा माता की शरण लेने के लिए 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' का पाठ सबसे अचूक और तीव्र प्रभावशाली माना जाता है। यदि समय का अभाव हो या आप संकट में घिरे हों, तो आप निम्नलिखित सरल उपाय कर सकते हैं:
1. संकट नाशक मंत्र का जाप
अचानक आई बाधाओं को दूर करने के लिए दुर्गा सप्तशती का यह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली है:
> शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे।
> सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
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विधि: शांत होकर बैठें और माता का ध्यान करते हुए इस मंत्र का कम से कम 11, 21 या 108 बार जाप करें। यह मंत्र हर प्रकार के कष्ट को हरने वाला है।
2. सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ
शास्त्रों के अनुसार, जब आपके पास पूरी दुर्गा सप्तशती पढ़ने का समय न हो, तो केवल 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' का पाठ करने से पूरी सप्तशती का फल मिलता है। यह शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी या अचानक आए आर्थिक संकट के लिए रामबाण है।
3. लौंग का विशेष उपाय
* विधि: दो साबुत लौंग (फूल वाली) लें और उसे अपने सिर से सात बार वार (उतार) लें।
* इसके बाद इसे माता दुर्गा के चरणों में अर्पित कर दें या घर के बाहर कपूर के साथ जला दें।
* जलती हुई लौंग के साथ अपनी मुसीबत दूर होने की प्रार्थना करें।
4. रक्षा कवच हेतु मंत्र
यदि मन में किसी अनहोनी का डर हो या अचानक कोई विपदा सामने खड़ी हो, तो इस छोटे से मंत्र का मन ही मन जाप शुरू कर दें:
> "ॐ दुं दुर्गायै नमः"
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सावधानी और विश्वास
* मुसीबत के समय घबराने के बजाय माता पर अटूट विश्वास रखें।
* यदि घर में दुर्गा माता की मूर्ति या तस्वीर हो, तो उनके सामने घी का दीपक जलाकर अपनी समस्या बोलें। माता दुर्गा "दुर्गतिनाशिनी" हैं, जो कठिन से कठिन मार्ग को भी सुगम बना देती हैं।


