दुनिया नहीं जानती है
प्रेम का अर्थ
देह से परे सोचने वाले नहीं रहे
देवों से अधिक
प्रेयसी/प्रिय को पूजने वाले
बीती शताब्दियों में दब गये
मैं न जाने क्या हृदय में लेकर
चल रहा हूँ
ढूंढ रहा हूँ प्रेम का बिखरा कण
संभवतः मुझमें बच गया कोई देव
या वह प्रेमी जो पूजता था प्रेम
प्रेम जिसका अर्थ
नहीं जानती है दुनिया
दुनिया जिसमें नहीं है मुझ-से
किसी का स्थान,
हा! ये अभागी दुनिया...
प्रेम का ऐसा अंत।
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #💝 शायराना इश्क़ #😘बस तुम और मैं #सिर्फ तुम


