मन मे उपज रही
विरह कविताओं को त्यागकर...
मैं कभी कभी
प्रेम कवितायें इसलिये भी लिख देती हूँ
ताकि उन लोगो का
भरोसा कायम रहे प्रेम पर
जो इस वक़्त प्रेम में हैं...!
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एक प्यारी सी बिंदी...!
बिखरी सी....सँवरी सी...ज़ुल्फें...!!
एक झुमका बहका हुआ... और !
हल्की सी मुस्कान तुम्हारे होंठों पर...!!
तुम समझ नहीं आती लेकिन...!
कसम से.. मुझे, पसंद बहुत आती हो...!!
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प्रेम पाना
नियति है...
प्रेम खोना भी
नियति है...
प्रेम खो कर
प्रेम से जुड़े रहना..
खुले पिंजरे में
बैठे पंछी की..
रूकी सी मुक्ति है..
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जिनसे मिलकर मन स्थिर हो जाए, जिनकी उपस्थिति में सोच सहज हो और भीतर कोई खिंचाव न हो... वही सही संग है। सही संग वह नहीं जो सिर्फ हँसी या बातचीत दे, बल्कि वह है जो भीतर की उथल-पुथल को शांत कर दे। जहाँ दिखावा नहीं, दबाव नहीं, और खुद को साबित करने की जरूरत न पड़े। ऐसे संबंधों में शब्द कम और अनुभूति गहरी होती है। जब मन स्थिर रहता है, तो निर्णय स्पष्ट होते हैं, भावनाएँ संतुलित रहती हैं और जीवन अपनी लय में चलने लगता है। इसलिए लोगों को उनके व्यवहार से नहीं, उनके साथ अपने मन की स्थिति से पहचानिए... क्योंकि सही संग वही है, जो आपको अपने भीतर से जोड़ दे।
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कुछ खयाल उधेड़ेंगे..कुछ बुनेंगे
और कुछ सिलेंगे ही...!!
वो कहते हैं सो जाया करो..
ख़्वाब में तो मिलेंगे ही...!!!!
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💞 एक तेरा ही अहसास, दिल ♥️ में तेरा वास....
मुकम्मल ना सही, मगर ये अहसास
तो बाकी है ,
तेरी यादों का मेरे दिल में
निवास तो बाकी है
वो जो अधूरे रह गये हमारे दर्मियां किस्से
उन अनकहे लफ्ज़ो की मिठास बाकी है
जरूरी तो नहीं हर दुआ को मंजिल
मिल जाए
कि मुसाफिरों के पास सफर की प्यास
तो बाकी है
इश्क मुकम्मल ना हुआ तो, मलाल कैसा ?
मेरी रूह में तेरे नाम का वास तो बाकी है।
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तुम्हे ना देख कर,,,,कब तक सबर करूँ,,,,
आँखे तो बँद कर लूँ,,,,,,पर इस दिल का क्या करूँ...!!
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😘बस तुम और मैं #💓 मोहब्बत दिल से #सिर्फ तुम #🌙 गुड नाईट
श्री कृष्ण जानते थे—
सच्चा प्रेम पाने की आकांक्षा नहीं,
छूट जाने की क्षमता माँगता है।
वह साथ रहने का आग्रह नहीं करता,
बस हृदय में टिक जाने की अनुमति चाहता है।
जहाँ “मेरा” कहने की लालसा नहीं,
बल्कि “तुम रहो” की प्रार्थना होती है।
और तभी प्रेम देह से परे उठकर
आत्मा का स्वभाव बन जाता है—
न बंधन, न दावा,
केवल पूर्ण समर्पण। हे ना !
🙏राधे राधे 🙏🏻
. #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #राधे राधे बरसाने वाली राध #🌾💙...• 🙏💫जय श्री कृष्ण💜 राधे राध💫े🙏...💛🌾 #🙏🏻🙏🏻🏵🏵 बोलो राधे राधे राधे राधे राध की श्याम प्यारा मिल जाएगा🏵🏵🙏🏻🙏🏻 #राध कृष्णा, ♥️
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यह किसी के मन की बातें हैं... !!
कैसे हम तुमको समझायें
क्या तुमको आभास नहीं है
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
बिना तुम्हारे दीवाना फागुन भी मुझे चिढ़ाये
नयनों का सावन बोलो कैसे तुमको दुलराये
यादों के झुरमुट से हम जब भी तुम्हें निहारें
गालों पर आंसू की भीनी पड़ने लगी फुहारें
उँगली पर दिन गिनते हैं कब से तुमसे नहीं मिले
मौसम के गालों पर दो डिम्पल कब से नहीं खिले
जीवन रूप अलंकृत करने
को तुम सा अनुप्रास नहीं है।
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
मंदिर खड़ी मनौती करती कई जनम की बातें
धागों में बाँधी है हमने प्रीत भरी सौगातें
भावों का ज्वार उठा जब याद हुई पूरनमासी
इस बैरागी मन को जैसे भाया हो संन्यासी
प्रेम तुम्हारा ध्यान लगाये बैठा जैसे साधू
जाने कैसा सम्मोहन है, जाने कैसा जादू
एक तुम्हारे प्रेम से बढ़कर
जीवन में संन्यास नहीं है।
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #सिर्फ तुम #😘बस तुम और मैं #🌙 गुड नाईट











