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#सच्चा_सतगुरु_कौन संत गरीबदास जी ने कहा है कि:- तमा + खू = तमाखू। खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल जैसे रूंग (रोम) जैसे होते हैं। हे मानव! तेरे को सौ बार सौगंद है कि इस तमाखू का सेवन किसी रूप में भी मत कर। तमाखू का सेवन गाय का खून पीने के समान पाप लगता है।
सच्चा_सतगुरु_कौन - OIGIIஎlerdl Iul& संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने के बाद सब तरह के नशे छूट जाते हैं। कलयग की पीढ़ी बुराइयों नशा और से ऐसे होती मुक्त Lolit Chouhon; Mondi (HP) 11:47 SA True Story | कलयुग की पीढ़ी नशा और 54 बराइयों से ऐसे होती मक्त | Lalit Chauhan | C^ OIGIIஎlerdl Iul& संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने के बाद सब तरह के नशे छूट जाते हैं। कलयग की पीढ़ी बुराइयों नशा और से ऐसे होती मुक्त Lolit Chouhon; Mondi (HP) 11:47 SA True Story | कलयुग की पीढ़ी नशा और 54 बराइयों से ऐसे होती मक्त | Lalit Chauhan | C^ - ShareChat