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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - గనగ 0 नए रोजगार का इको- सिस्टम तैयार हो रहा था। राज्यों का अनुदान जोडने पर प्रभावी केपेक्स अनस रहमान जुनैद शक्ति कार्यक्रम लंबे समय से अपेक्षित हे। भारत जेनेरिक दवाओं में वैश्विक ्नेताक रदम है। करीब १७ १५ ट्रिलियन हो जाता है। यह जीडीपी  संस्थापक अगली छलांग बायोलॉजिक्स, बायोस्िमिलस्हा का ४ ४% है। शॉर्ट टर्म रियायतों से दीर्घकालिक  हुरुन इंडिया ओर समृद्धि नहीं आती। समृद्धि का आधार सड़क  जटिल थरेपीज में है। यही वे क्षेत्र हे कीटअग्लीप लहर कीयहीडे क्ैप्र औरहलंर्ेभवरत भारत  बंदरगाह  औद्योगिक   कॉरिडोर और   डिजिटल केंद्रीय ஏuE 2026-27 9# ## # इंफ्रास्ट्रक्चर होते हैं जो कारोबार बढ़ाते है। आया संपत्ति का सृजन होगा।  भारत की संपत्ति सृजन की कहानी नए Ulch सही औद्योगिक दांवः बजट का रणनीतिक  एमएसएमई स्टार्टअप ओर dగ स्तर पर पहुंच रही है। ऐसी अर्थव्यवस्था भारत फट फोकस उन क्षेत्रों पर है, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर सकारात्मक संकेतः एमएसएमई रोजगार नहीं   रहा, गिने-चुने घरानों तक जहां सफलता परिभाषित करेंगे। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का और विकास के इंजन हे। १० हजार करोड़ का सीमित हो। भारतीय अरबपतियोँ की सामूहिक  आईएसएम २० के रूप मे विस्तार अहम कदम प्रस्तावित एसएमई ग्रोथ फंड, टीआरईडीएस के সপনি एक ट्रिलियन डॉलर से पार हो चुकी है। है। भारत करीब १०% चिप आयात करता है। নক্কন নলেনা সসংন विस्तार सिर्फ एक साल में ७५ नए अरबपति बने है। इस 3ঁ কৃূমে क विनिर्माण और प्रौद्योगिकी शक्ति बनने के लिए यह निर्यात सीमा को हटाना व्यावहारिक कदम हें।  पृष्ठभूमि में बजट संकेत देता है कि भारत अगले निर्भरता घटानी होगी। चिप डिजाइन प्रोत्साहन के स्टार्टअप के लिए धारा ८O IAC के तहत टैक्स कैसी दशक में अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। लिए 5,००० करोड़ का प्रावधान और इलेक्ट्रॉनिक हॉलीडे ३१ माचं २०३० तक কদনম dGTTI TEd 27 सही प्राथमिकताः बजट में निवेश कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग का आवंटन ४० हजार वाला कदम हे। १० हजार करोड़ के डीप टेक आधारित विकास पर जोर है। पूंजीगत व्यय बजट करोड़ किया गया है। ये ऐसे इकोसिस्टम के आधार फंड ऑफ फंड्स का क्रियान्वयन इसका संकेत हे केंद्र बना हुआ है। कैपेक्स बढ़ाकर १२ २ लाख हैं, जो न सिर्फ रोजगार पैदा करेंगे chl बल्कि बड़ी कि भारत सिर्फ उपभोक्ता प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि करोड़ किया है। ये पिछले साल ११ २ लाख करोड़ कंपनियों को भी॰ जन्म देंगे। इसी तरहः बायोफामा गंभीर तकनीकी कंपनियां खडी करना चाहता हे। గనగ 0 नए रोजगार का इको- सिस्टम तैयार हो रहा था। राज्यों का अनुदान जोडने पर प्रभावी केपेक्स अनस रहमान जुनैद शक्ति कार्यक्रम लंबे समय से अपेक्षित हे। भारत जेनेरिक दवाओं में वैश्विक ्नेताक रदम है। करीब १७ १५ ट्रिलियन हो जाता है। यह जीडीपी  संस्थापक अगली छलांग बायोलॉजिक्स, बायोस्िमिलस्हा का ४ ४% है। शॉर्ट टर्म रियायतों से दीर्घकालिक  हुरुन इंडिया ओर समृद्धि नहीं आती। समृद्धि का आधार सड़क  जटिल थरेपीज में है। यही वे क्षेत्र हे कीटअग्लीप लहर कीयहीडे क्ैप्र औरहलंर्ेभवरत भारत  बंदरगाह  औद्योगिक   कॉरिडोर और   डिजिटल केंद्रीय ஏuE 2026-27 9# ## # इंफ्रास्ट्रक्चर होते हैं जो कारोबार बढ़ाते है। आया संपत्ति का सृजन होगा।  भारत की संपत्ति सृजन की कहानी नए Ulch सही औद्योगिक दांवः बजट का रणनीतिक  एमएसएमई स्टार्टअप ओर dగ स्तर पर पहुंच रही है। ऐसी अर्थव्यवस्था भारत फट फोकस उन क्षेत्रों पर है, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर सकारात्मक संकेतः एमएसएमई रोजगार नहीं   रहा, गिने-चुने घरानों तक जहां सफलता परिभाषित करेंगे। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का और विकास के इंजन हे। १० हजार करोड़ का सीमित हो। भारतीय अरबपतियोँ की सामूहिक  आईएसएम २० के रूप मे विस्तार अहम कदम प्रस्तावित एसएमई ग्रोथ फंड, टीआरईडीएस के সপনি एक ट्रिलियन डॉलर से पार हो चुकी है। है। भारत करीब १०% चिप आयात करता है। নক্কন নলেনা সসংন विस्तार सिर्फ एक साल में ७५ नए अरबपति बने है। इस 3ঁ কৃূমে क विनिर्माण और प्रौद्योगिकी शक्ति बनने के लिए यह निर्यात सीमा को हटाना व्यावहारिक कदम हें।  पृष्ठभूमि में बजट संकेत देता है कि भारत अगले निर्भरता घटानी होगी। चिप डिजाइन प्रोत्साहन के स्टार्टअप के लिए धारा ८O IAC के तहत टैक्स कैसी दशक में अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। लिए 5,००० करोड़ का प्रावधान और इलेक्ट्रॉनिक हॉलीडे ३१ माचं २०३० तक কদনম dGTTI TEd 27 सही प्राथमिकताः बजट में निवेश कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग का आवंटन ४० हजार वाला कदम हे। १० हजार करोड़ के डीप टेक आधारित विकास पर जोर है। पूंजीगत व्यय बजट करोड़ किया गया है। ये ऐसे इकोसिस्टम के आधार फंड ऑफ फंड्स का क्रियान्वयन इसका संकेत हे केंद्र बना हुआ है। कैपेक्स बढ़ाकर १२ २ लाख हैं, जो न सिर्फ रोजगार पैदा करेंगे chl बल्कि बड़ी कि भारत सिर्फ उपभोक्ता प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि करोड़ किया है। ये पिछले साल ११ २ लाख करोड़ कंपनियों को भी॰ जन्म देंगे। इसी तरहः बायोफामा गंभीर तकनीकी कंपनियां खडी करना चाहता हे। - ShareChat