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#300thBodhDiwasSantGaribdasJiसर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नूँ पूर्ण परमात्मा कविर्देव अर्थात कबीर परमेश्वर जिस क्षेत्र में आए उसका नाम हरयाणा अर्थात् परमात्मा के आने वाला पवित्र स्थल, जिसके कारण आस-पास के क्षेत्र को हरिआना (हरियाणा) कहने लगे। क्योंकि सन् 1727 में फाल्गुन मास की सुदी द्वादशी को परमेश्वर कबीर जी सतलोक से आकर गरीबदास जी को मिले थे।
300thBodhDiwasSantGaribdasJi - నే @  { 0 a 57 सटे नला खेत में जाडी के पेड़ के नीचे गरीबदास जी महाराज परमेश्वर कबीर साहिब जी सतलोक से आकर  নিক্ষমী  1784, মনু 1727 ম কালুন सवत को  मिले। সাম কী ঘুবল ৭ম द्वादशी वैशाख के उत्तरार्ध की इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा हैः काजन्म पूर्णिमा के दिन सन् १७१७, विक्रमी  सर्व कला सतगुरु साहेब की, संवत् १७७४ में ग्राम छुड़ानी, जिला  में हुआ  झज्नर हरियाणा  हरिओय e हखिपनू ( నే @  { 0 a 57 सटे नला खेत में जाडी के पेड़ के नीचे गरीबदास जी महाराज परमेश्वर कबीर साहिब जी सतलोक से आकर  নিক্ষমী  1784, মনু 1727 ম কালুন सवत को  मिले। সাম কী ঘুবল ৭ম द्वादशी वैशाख के उत्तरार्ध की इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा हैः काजन्म पूर्णिमा के दिन सन् १७१७, विक्रमी  सर्व कला सतगुरु साहेब की, संवत् १७७४ में ग्राम छुड़ानी, जिला  में हुआ  झज्नर हरियाणा  हरिओय e हखिपनू ( - ShareChat