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#🖋ग़ालिब की शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - जला जिस्म जहां दिल भी जल गया होगा, | कुरेदते हो जो राख़ अब जुस्तजू I8,1 जला जिस्म जहां दिल भी जल गया होगा, | कुरेदते हो जो राख़ अब जुस्तजू I8,1 - ShareChat