जीवन में क्रोध मनुष्य की वह अवस्था है जो जीत के नजदीक पहुँचकर हार का नया रास्ता खोल देता है। क्रोध न सिर्फ हार का दरवाजा खोलता है बल्कि रिश्तों में दरार का कारण भी बनता है। इसलिये कभी भी अपने क्रोध के ताप से अपने फूल रूपी गुणों को मुरझाने मत दीजिये। सुप्रभात जी I आपका दिन शुभ और मंगलमय हो। #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #☝अनमोल ज्ञान

