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#🤲अल्लाह हु अक़बर #🕌मस्जिद 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲कुरान संदेश
🤲अल्लाह हु अक़बर - সুফ্ক ঔন-নুৎ ee 707ನ5 आयत 40 (या काफिरों के आमाल की मिसाल) उस बड़े गहरे दरिया की तारिकियों की सी है- जैसे एक लहर उसके ऊपर लहर उसके दूसरी ऊपर अब्र (तह ब तह) ढॉके हुए हो (ग़रज़) तारिकियाँ है कि एक से ऊपर एक (उमड़ी ) चली आती हैं (इसी तरह से) कि अगर कोइ शख्स अपना हाथ निकाले तो (शिद्दत तारीकी से) उसे देख न सके और जिसे खुद ख़ुदा ही ने (हिदायत की) रौशनी न दी हो तो (समझ लो कि) लिए $ कहीं कोई रौशनी नहीं है Ro_ow m dka s i m 786 সুফ্ক ঔন-নুৎ ee 707ನ5 आयत 40 (या काफिरों के आमाल की मिसाल) उस बड़े गहरे दरिया की तारिकियों की सी है- जैसे एक लहर उसके ऊपर लहर उसके दूसरी ऊपर अब्र (तह ब तह) ढॉके हुए हो (ग़रज़) तारिकियाँ है कि एक से ऊपर एक (उमड़ी ) चली आती हैं (इसी तरह से) कि अगर कोइ शख्स अपना हाथ निकाले तो (शिद्दत तारीकी से) उसे देख न सके और जिसे खुद ख़ुदा ही ने (हिदायत की) रौशनी न दी हो तो (समझ लो कि) लिए $ कहीं कोई रौशनी नहीं है Ro_ow m dka s i m 786 - ShareChat