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#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲नमाज ☪️ #🕋इस्लामिक दुआ 🤲
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा अयत ४० और (वह दिन याद करो) जिस दिन सब लोगों को इकट्ठा करेगा फिर फरिश्तों से पूछेगा कि क्या ये लोग परसतिश নুদ্কাঠী  करते थे फरिश्ते अर्ज़ करेंगे (बारे इलाहा ) तू (हर ऐब से) पाक व पाकीज़ा है 59 mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा अयत ४० और (वह दिन याद करो) जिस दिन सब लोगों को इकट्ठा करेगा फिर फरिश्तों से पूछेगा कि क्या ये लोग परसतिश নুদ্কাঠী  करते थे फरिश्ते अर्ज़ करेंगे (बारे इलाहा ) तू (हर ऐब से) पाक व पाकीज़ा है 59 mdkasim786 - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲नमाज ☪️
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा अयत ३९ ऐ रसूल ) तुम कह दो कि मेरा परवरदिगार अपने बन्दों में से जिसके लिए चाहता है रोज़ी कुशादा कर देता है और (जिसके लिए ; चाहता है) तंग कर देता है और जो कुछ भी तुम लोग (उसकी राह में) ख़र्च करते हो वह उसका ऐवज देगा और वह तो सबसे बेहतर रोज़़ी देनेवाला है 59 mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा अयत ३९ ऐ रसूल ) तुम कह दो कि मेरा परवरदिगार अपने बन्दों में से जिसके लिए चाहता है रोज़ी कुशादा कर देता है और (जिसके लिए ; चाहता है) तंग कर देता है और जो कुछ भी तुम लोग (उसकी राह में) ख़र्च करते हो वह उसका ऐवज देगा और वह तो सबसे बेहतर रोज़़ी देनेवाला है 59 mdkasim786 - ShareChat
#🤲नमाज ☪️ #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🌙इस्लाम धर्म🕌
🤲नमाज ☪️ - Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा 9 आयत ३८ तोड़)  और जो लोग हमारी आयतों (की में मुक़ाबले की नीयत से दौड़ द्दूप करते हैं वही लोग (जहन्नुम के) अज़ाब में झोक दिए जाएॅगे aouo mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा 9 आयत ३८ तोड़)  और जो लोग हमारी आयतों (की में मुक़ाबले की नीयत से दौड़ द्दूप करते हैं वही लोग (जहन्नुम के) अज़ाब में झोक दिए जाएॅगे aouo mdkasim786 - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲नमाज ☪️ #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🌙इस्लाम धर्म🕌
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6HqI ঔমন 37 औलाद की ये हस्ती और (याद रखो) HlcT & 5Rி 5R नहीं कि तुम को हमारी बारगाह में बना दें मगर (हाँ) मुक़र्रिब किए ; जिसने ईमान कुबूल किया और अच्छे (अच्छे) काम उन लिए ` तो उनकी कारगुज़ारियों की दोहरी जज़ा है और लोगों के वह लोग (बेहश्त के) झरोखों में इत्मेनान से रहेंगे aouo mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6HqI ঔমন 37 औलाद की ये हस्ती और (याद रखो) HlcT & 5Rி 5R नहीं कि तुम को हमारी बारगाह में बना दें मगर (हाँ) मुक़र्रिब किए ; जिसने ईमान कुबूल किया और अच्छे (अच्छे) काम उन लिए ` तो उनकी कारगुज़ारियों की दोहरी जज़ा है और लोगों के वह लोग (बेहश्त के) झरोखों में इत्मेनान से रहेंगे aouo mdkasim786 - ShareChat
#🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌
🌙इस्लाम धर्म🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6HqI आयत ३६ (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मेरा परवरदिगार लिए जिसके चाहता है रोज़ी कुशादा कर देता है और (जिसके लिऐ चाहता है) तंग करता है लोग नहीं जानते हैं बहुतेरे मगर aouo mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6HqI आयत ३६ (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मेरा परवरदिगार लिए जिसके चाहता है रोज़ी कुशादा कर देता है और (जिसके लिऐ चाहता है) तंग करता है लोग नहीं जानते हैं बहुतेरे मगर aouo mdkasim786 - ShareChat
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🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6HqI आयत ३५ और ये भी कहने लगे कि हम तो (ईमानदारों से) माल और औलाद में कहीं ज्यादा है और हम पर आख़ेरत में ( अज़ाब ) भी नहीं किया আৎা aouo mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6HqI आयत ३५ और ये भी कहने लगे कि हम तो (ईमानदारों से) माल और औलाद में कहीं ज्यादा है और हम पर आख़ेरत में ( अज़ाब ) भी नहीं किया আৎা aouo mdkasim786 - ShareChat
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🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6 HqI आयत ३४ और हमने किसी बस्ती में कोई डराने वाला पैग़म्बर नहीं भेजा मगर वहाँ के लोग ये ज़रूर बोल उठेंगे कि जो एहकाम देकर तुम भेजे गए हो हम उनको नहीं मानते aouo mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ 6 HqI आयत ३४ और हमने किसी बस्ती में कोई डराने वाला पैग़म्बर नहीं भेजा मगर वहाँ के लोग ये ज़रूर बोल उठेंगे कि जो एहकाम देकर तुम भेजे गए हो हम उनको नहीं मानते aouo mdkasim786 - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🌙इस्लाम धर्म🕌
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा आयत ३३ और कमज़ोर लोग बड़े लोगों से कहेंगे (कि ज़बरदस्ती तो नहीं की मगर हम खुद भी गुमराह नहीं हुए) बल्कि (तुम्हारी ) रातनदिन की फरेबदेही ने (गुमराह किया कि) तुम लोग हमको खुदा न मानने और उसका शरीक ठहराने का हुक्म देते रहे (तो हम क्या करते) और जब ये लोग अज़ाब को (अपनी बराबर आँखों से) देख लेंगे तो दिल ही दिल में पछताएँगे और जो लोग काफिर हो बैठे हम उनकी गर्दनों में तौक़ डाल देंगे जो कारस्तानियां ये लोग (दुनिया में) करते थे उसी के मुवाफिक़ तो सज़ा दी जाएगी 59 m dkas i m 786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा आयत ३३ और कमज़ोर लोग बड़े लोगों से कहेंगे (कि ज़बरदस्ती तो नहीं की मगर हम खुद भी गुमराह नहीं हुए) बल्कि (तुम्हारी ) रातनदिन की फरेबदेही ने (गुमराह किया कि) तुम लोग हमको खुदा न मानने और उसका शरीक ठहराने का हुक्म देते रहे (तो हम क्या करते) और जब ये लोग अज़ाब को (अपनी बराबर आँखों से) देख लेंगे तो दिल ही दिल में पछताएँगे और जो लोग काफिर हो बैठे हम उनकी गर्दनों में तौक़ डाल देंगे जो कारस्तानियां ये लोग (दुनिया में) करते थे उसी के मुवाफिक़ तो सज़ा दी जाएगी 59 m dkas i m 786 - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा आयत ३२ तो सरकश लोग कमज़ोरों से (मुख़ातिब होकर) कहेंगे कि पास (खुदा की तरफ़ से) हिदायत आयी तो 5R जब थी तो क्या उसके आने के बाद हमने तुमको (ज़बरदस्ती अम्ल करने से) रोका था (हरगिज़ नहीं) बल्कि तुम तो खुद থ मुजरिम 59 mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा आयत ३२ तो सरकश लोग कमज़ोरों से (मुख़ातिब होकर) कहेंगे कि पास (खुदा की तरफ़ से) हिदायत आयी तो 5R जब थी तो क्या उसके आने के बाद हमने तुमको (ज़बरदस्ती अम्ल करने से) रोका था (हरगिज़ नहीं) बल्कि तुम तो खुद থ मुजरिम 59 mdkasim786 - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा आयत ३१ और जो लोग काफिर हों बैठे कहते हैं कि हम तो न इस क़ुरान पर हरगिज़ ईमान लाएँगे और न उस (किताब) पर जो इससे पहले नाज़िल हो चुकी और (ऐ रसूल बहुत ताज्जुब हो) अगर तुम देखो कि जब ये ज़ालिम क़यामत के दिन dHat जायेंगे (और ) उनमें का एक दूसरे की किए ं अपने परवरदिगार के सामने खड़े (अपनी) बात को फेरता होगा कि कमज़ोर अदना (दरजे के) लोग बड़े तरफ (सरकश) लोगों से कहते होगें कि अगर तुम (हमें) न (बहकाए) होते तो हम ज़़रूर স ন পভন) ईमानवाले होते (इस मुसीबत 59 mdkasim786 Mdas ,8 6 Wತ್ರ सूरह सबा आयत ३१ और जो लोग काफिर हों बैठे कहते हैं कि हम तो न इस क़ुरान पर हरगिज़ ईमान लाएँगे और न उस (किताब) पर जो इससे पहले नाज़िल हो चुकी और (ऐ रसूल बहुत ताज्जुब हो) अगर तुम देखो कि जब ये ज़ालिम क़यामत के दिन dHat जायेंगे (और ) उनमें का एक दूसरे की किए ं अपने परवरदिगार के सामने खड़े (अपनी) बात को फेरता होगा कि कमज़ोर अदना (दरजे के) लोग बड़े तरफ (सरकश) लोगों से कहते होगें कि अगर तुम (हमें) न (बहकाए) होते तो हम ज़़रूर স ন পভন) ईमानवाले होते (इस मुसीबत 59 mdkasim786 - ShareChat