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#🤲 इबादत #🤲 दुआएं #❤️अस्सलामु अलैकुम #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲हदीस🕌
🤲 इबादत - m d k a $ i m 7 8 6 जिंदगी जिंदगी आसान नहीं होती जिंदगी को आसान बनाना पड़ता हैं कभी दुआ करके कभी सब्र करके कभी माफ करके और कभी नजरअंदाज करके Kh aslm . KAK Ilumis  Cott crontos m d k a $ i m 7 8 6 जिंदगी जिंदगी आसान नहीं होती जिंदगी को आसान बनाना पड़ता हैं कभी दुआ करके कभी सब्र करके कभी माफ करके और कभी नजरअंदाज करके Kh aslm . KAK Ilumis  Cott crontos - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲कुरान संदेश #🤲नमाज ☪️
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 60 और तुम लोगों को जो कुछ अता हुआ है तो কী (ড়াবা মী) दुनिया ज़िन्दगी का फ़ायदा और उसकी आराइश है और जो कुछ ख़ुदा के बेहतर और पाएदार है तो क्या तुम इतना पास है वह उससे कही भी नहीं समझते 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 60 और तुम लोगों को जो कुछ अता हुआ है तो কী (ড়াবা মী) दुनिया ज़िन्दगी का फ़ायदा और उसकी आराइश है और जो कुछ ख़ुदा के बेहतर और पाएदार है तो क्या तुम इतना पास है वह उससे कही भी नहीं समझते 500) - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲कुरान संदेश #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲नमाज ☪️
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 59 और तुम्हारा परवरदिगार जब तक उन गाँव के सदर मक़ाम पर अपना पैग़म्बर न भेज ले और वह उनके सामने हमारी आयतें न पढ़ दे (उस वक्त तक) बस्तियों को बरबाद नहीं कर दिया करता-और हम तो बस्तियों को बरबाद करते ही नहीं जब तक वहाँ के लोग ज़ालिम न हों 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 59 और तुम्हारा परवरदिगार जब तक उन गाँव के सदर मक़ाम पर अपना पैग़म्बर न भेज ले और वह उनके सामने हमारी आयतें न पढ़ दे (उस वक्त तक) बस्तियों को बरबाद नहीं कर दिया करता-और हम तो बस्तियों को बरबाद करते ही नहीं जब तक वहाँ के लोग ज़ालिम न हों 500) - ShareChat
#🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🛐रमजान करीम 🤲 #Mahe Ramzan #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🕋इस्लामिक दुआ 🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 58 और हमने तो बहुतेरी बस्तियाँ बरबाद कर दी जो अपनी मइशत (रोजी) में बहुत इतराहट से (ज़िन्दगी ) बसर किया करती थीं-(तो देखो) ये उन ही के (उजड़े हुए) घर हैं जो उनके बाद फिर आबाद नहीं हुए मगर बहुत कम और वारिस हुए (आख़िर ) हम ही उनके (माल व असबाब के) 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 58 और हमने तो बहुतेरी बस्तियाँ बरबाद कर दी जो अपनी मइशत (रोजी) में बहुत इतराहट से (ज़िन्दगी ) बसर किया करती थीं-(तो देखो) ये उन ही के (उजड़े हुए) घर हैं जो उनके बाद फिर आबाद नहीं हुए मगर बहुत कम और वारिस हुए (आख़िर ) हम ही उनके (माल व असबाब के) 500) - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🛐रमजान करीम 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🕋जुम्मा मुबारक🤲
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 57 कहते हैं कि अगर हम ऐ रसूल) कुफ्फ़ार (मक्का) ' साथ दीन हक़ g तुम्हारे fag' की पैरवी करें तो हम अपने मुल्क़ से उचक जाएँ (ये क्या बकते है) क्या हमने उन्हें हरम (मक्का ) में जहाँ हर तरह का अमन है जगह नहीं दी वहाँ हर बारगाह से खिंचे चले जाते हैं मगर बहुतेरे किस्म के फल रोजी के वास्ते हमारी ' लोग नहीं जाते 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 57 कहते हैं कि अगर हम ऐ रसूल) कुफ्फ़ार (मक्का) ' साथ दीन हक़ g तुम्हारे fag' की पैरवी करें तो हम अपने मुल्क़ से उचक जाएँ (ये क्या बकते है) क्या हमने उन्हें हरम (मक्का ) में जहाँ हर तरह का अमन है जगह नहीं दी वहाँ हर बारगाह से खिंचे चले जाते हैं मगर बहुतेरे किस्म के फल रोजी के वास्ते हमारी ' लोग नहीं जाते 500) - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #Mahe Ramzan #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🛐रमजान करीम 🤲
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 56 (ऐ रसूल) बेशक तुम जिसे चाहो मंज़िले मक़सूद तक नहीं पहुँचा सकते मगर हाँ जिसे खुदा चाहे मंज़िल मक़सूद तक पहुचाए और वही हिदायत याफ़ता लोगों से ख़ूब वाक़िफ़ है 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 56 (ऐ रसूल) बेशक तुम जिसे चाहो मंज़िले मक़सूद तक नहीं पहुँचा सकते मगर हाँ जिसे खुदा चाहे मंज़िल मक़सूद तक पहुचाए और वही हिदायत याफ़ता लोगों से ख़ूब वाक़िफ़ है 500) - ShareChat
#Mahe Ramzan #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🛐रमजान करीम 🤲
Mahe Ramzan - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 55 और जब किसी से कोई बुरी बात तो उससे किनारा सुनी वास्ते हमारी कश रहे और साफ कह दिया कि 8 कारगुज़ारियाँ हैं और वास्ते तुम्हारी कारस्तानियाँ নদ্কাই (बस दूर ही से) तुम्हें सलाम है हम जाहिलो (की सोहबत ) के ख्वाहॉ नहीं 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 55 और जब किसी से कोई बुरी बात तो उससे किनारा सुनी वास्ते हमारी कश रहे और साफ कह दिया कि 8 कारगुज़ारियाँ हैं और वास्ते तुम्हारी कारस्तानियाँ নদ্কাই (बस दूर ही से) तुम्हें सलाम है हम जाहिलो (की सोहबत ) के ख्वाहॉ नहीं 500) - ShareChat
#🛐रमजान करीम 🤲 #Mahe Ramzan #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌
🛐रमजान करीम 🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 54 यही वह लोग हैं जिन्हें (इनके आमाले ख़ैर की) दोहरी जज़ा दी जाएगी चूँकि उन लोगों ने सब्र किया और बदी को नेकी से दफ़ा करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें अता किया है उसमें से (हमारी राह में) ख़र्च करते हैं 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 54 यही वह लोग हैं जिन्हें (इनके आमाले ख़ैर की) दोहरी जज़ा दी जाएगी चूँकि उन लोगों ने सब्र किया और बदी को नेकी से दफ़ा करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें अता किया है उसमें से (हमारी राह में) ख़र्च करते हैं 500) - ShareChat
#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🛐रमजान करीम 🤲 #Mahe Ramzan
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 53 ్ और जब उनके सामने ये पढ़ा जाता है तो बोल उठते हैं कि हम तो इस पर ईमान ला चुके बेशक ये ठीक है (और) हमारे परवरदिगार की तरफ से है हम तो इसको पहले ही मानते थे 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 53 ్ और जब उनके सामने ये पढ़ा जाता है तो बोल उठते हैं कि हम तो इस पर ईमान ला चुके बेशक ये ठीक है (और) हमारे परवरदिगार की तरफ से है हम तो इसको पहले ही मानते थे 500) - ShareChat
#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🛐रमजान करीम 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 52 जिन लोगों को हमने इससे पहले किताब अता की है वह उस (क़ुरान) पर ईमान लाते 8 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 52 जिन लोगों को हमने इससे पहले किताब अता की है वह उस (क़ुरान) पर ईमान लाते 8 500) - ShareChat