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#🤲 इबादत #🤲 दुआएं #❤️अस्सलामु अलैकुम #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲हदीस🕌
🤲 इबादत - m d k a $ i m 7 8 6 जिंदगी जिंदगी आसान नहीं होती जिंदगी को आसान बनाना पड़ता हैं कभी दुआ करके कभी सब्र करके कभी माफ करके और कभी नजरअंदाज करके Kh aslm . KAK Ilumis  Cott crontos m d k a $ i m 7 8 6 जिंदगी जिंदगी आसान नहीं होती जिंदगी को आसान बनाना पड़ता हैं कभी दुआ करके कभी सब्र करके कभी माफ करके और कभी नजरअंदाज करके Kh aslm . KAK Ilumis  Cott crontos - ShareChat
#Mahe Ramzan #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #☪️रमजान Status⏳ #🤲कुरान संदेश #🤲क़ुरान शरीफ़📗
Mahe Ramzan - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 25 इतने में उन्हीं दो मे से एक औरत शर्मीली चाल से आयी मूसा से) कहने (और लगी॰मेरे वालिद तुम को ' 8 difa बकरियों को) पानी जो तुमने ' बुलाते (हमारी पिला दिया है उसकी मज़दूरी दे ग़रज़ जब मूसा उनके पास आए और 38: उनसे अपने किस्से बयान किए तो उन्होंने कहा अब कुछ अन्देशा न करो के हाथ ' ज़ालिम लोगों से नजात पायी तुमने 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 25 इतने में उन्हीं दो मे से एक औरत शर्मीली चाल से आयी मूसा से) कहने (और लगी॰मेरे वालिद तुम को ' 8 difa बकरियों को) पानी जो तुमने ' बुलाते (हमारी पिला दिया है उसकी मज़दूरी दे ग़रज़ जब मूसा उनके पास आए और 38: उनसे अपने किस्से बयान किए तो उन्होंने कहा अब कुछ अन्देशा न करो के हाथ ' ज़ालिम लोगों से नजात पायी तुमने 500) - ShareChat
#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲कुरान संदेश #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🛐रमजान करीम 🤲 #☪️रमजान Status⏳
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 24 fag तब मूसा ने उन की (बकरियों) के खीच (पानी कर) पिला दिया फिर वहाँ से हट कर छांव में जा बैठे तो (चूँकि बहुत भूक थी) अर्ज क़ी परवरदिगार (उस वक्त) ज़ो नेअमत तू मेरे पास भेज दे मै उसका सख्त हाजत मन्द हूँ 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 24 fag तब मूसा ने उन की (बकरियों) के खीच (पानी कर) पिला दिया फिर वहाँ से हट कर छांव में जा बैठे तो (चूँकि बहुत भूक थी) अर्ज क़ी परवरदिगार (उस वक्त) ज़ो नेअमत तू मेरे पास भेज दे मै उसका सख्त हाजत मन्द हूँ 500) - ShareChat
#Mahe Ramzan #🤲अल्लाह हु अक़बर #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲नमाज ☪️ #🕋इस्लामिक दुआ 🤲
Mahe Ramzan - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 23 और (आठ दिन फाक़ा करते चले ) जब शहर मदियन के पर (जो शहर के कुओं ' बाहर था) पहुँचें तो कुओं पर लोगों की भीड़ देखी कि वह (अपने जानवरों को) पानी पिला रहे हैं और उन सबके पीछे दो औरतो (हज़रत शुएब की बेटियों) को ने पूछा ' देखा कि वह (अपनी बकरियों को) रोके खड़ी है मूसा कि तुम्हारा क्या मतलब है वह बोली जब तक सब चरवाहे (अपने जानवरों को) ख़ूब छक के पानी पिला कर फिर न जाएँ हम नहीं पिला सकते और हमारे वालिद बहुत बूढे हैं 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 23 और (आठ दिन फाक़ा करते चले ) जब शहर मदियन के पर (जो शहर के कुओं ' बाहर था) पहुँचें तो कुओं पर लोगों की भीड़ देखी कि वह (अपने जानवरों को) पानी पिला रहे हैं और उन सबके पीछे दो औरतो (हज़रत शुएब की बेटियों) को ने पूछा ' देखा कि वह (अपनी बकरियों को) रोके खड़ी है मूसा कि तुम्हारा क्या मतलब है वह बोली जब तक सब चरवाहे (अपने जानवरों को) ख़ूब छक के पानी पिला कर फिर न जाएँ हम नहीं पिला सकते और हमारे वालिद बहुत बूढे हैं 500) - ShareChat
#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲कुरान संदेश #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🛐रमजान करीम 🤲
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 22 और जब मदियन की तरफ रुख़ किया (और रास्ता मालूम न था) तो आप ही आप बोले मुझे उम्मीद है कि मेरा परवरदिगार सीधे 3s} যমা নিভ্রা ঐ 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 22 और जब मदियन की तरफ रुख़ किया (और रास्ता मालूम न था) तो आप ही आप बोले मुझे उम्मीद है कि मेरा परवरदिगार सीधे 3s} যমা নিভ্রা ঐ 500) - ShareChat
#🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🛐रमजान करीम 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #☪️रमजान Status⏳
🕋इस्लामिक दुआ 🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 21 fag) ' मै तुमसे ख़ैरख्वाहाना ( भलाइ के' कहता हूँ ग़रज़ मूसा वहाँ से उम्मीद व बीम की हालत में निकल खडे हुए और (बारगाहे ख़ुदा में) अर्ज़ की परवरदिगार मुझे ज़ालिम लोगों (के हाथ) से नजात दे 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 21 fag) ' मै तुमसे ख़ैरख्वाहाना ( भलाइ के' कहता हूँ ग़रज़ मूसा वहाँ से उम्मीद व बीम की हालत में निकल खडे हुए और (बारगाहे ख़ुदा में) अर्ज़ की परवरदिगार मुझे ज़ालिम लोगों (के हाथ) से नजात दे 500) - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲नमाज ☪️ #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🛐रमजान करीम 🤲
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 20 और एक शख्स शहर के उस किनारे से डराता हुआ आया और यक़ीन जानो कि शहर के) बड़े (मूसा से) कहने लगा मूसा (तुम ये ' बड़े आदमी बारे में मशवरा कर रहे हैं कि तुम्हारे ' तुम्हारे  आदमी कत्ल कर डालें तो तुम (शहर से) निकल भागो तुमको 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 20 और एक शख्स शहर के उस किनारे से डराता हुआ आया और यक़ीन जानो कि शहर के) बड़े (मूसा से) कहने लगा मूसा (तुम ये ' बड़े आदमी बारे में मशवरा कर रहे हैं कि तुम्हारे ' तुम्हारे  आदमी कत्ल कर डालें तो तुम (शहर से) निकल भागो तुमको 500) - ShareChat
#🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #☪️रमजान Status⏳ #🛐रमजान करीम 🤲
🕋इस्लामिक दुआ 🤲 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 19 आयत ग़रज़ जब मूसा ने चाहा कि उस शख्स पर जो दोनों का दुश्मन हाथ बढ़ाएँ तो क़िब्ती कहने लगा कि ऐ मूसा लिए)  के (छुड़ाने  [ जिस तरह कल एक आदमी को मार डाला तरह) मुझे तुमने (3t भी मार डालना चाहते हो तो तुम बस ये चाहते हो कि रुए ज़मीन में सरकश बन कर रहो और मसलह (क़ौम ) बनकर रहना नहीं चाहते 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 19 आयत ग़रज़ जब मूसा ने चाहा कि उस शख्स पर जो दोनों का दुश्मन हाथ बढ़ाएँ तो क़िब्ती कहने लगा कि ऐ मूसा लिए)  के (छुड़ाने  [ जिस तरह कल एक आदमी को मार डाला तरह) मुझे तुमने (3t भी मार डालना चाहते हो तो तुम बस ये चाहते हो कि रुए ज़मीन में सरकश बन कर रहो और मसलह (क़ौम ) बनकर रहना नहीं चाहते 500) - ShareChat
#🛐रमजान करीम 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🛐रमजान करीम 🤲 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 18 ग़रज़ (रात तो जो त्यों गुज़री) सुबह को उम्मीदो बीम की हालत में मूसा शहर में गए तो क्या देखते हैं कि वही शख्स जिसने कल उनसे मदद माँगी थी उनसे (फिर) फरियाद कर रहा है-मूसा ने उससे कहा बेशक तू यक़ीनी खुल्लम खुल्ला गुमराह है 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 18 ग़रज़ (रात तो जो त्यों गुज़री) सुबह को उम्मीदो बीम की हालत में मूसा शहर में गए तो क्या देखते हैं कि वही शख्स जिसने कल उनसे मदद माँगी थी उनसे (फिर) फरियाद कर रहा है-मूसा ने उससे कहा बेशक तू यक़ीनी खुल्लम खुल्ला गुमराह है 500) - ShareChat
#🛐रमजान करीम 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🛐रमजान करीम 🤲 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 17 अर्ज क़ी परवरदिगार चूँकि तूने মুমা ন मुझ पर एहसान किया है मै भी आइन्दा गुनाहगारों का हरगिज़ मदद गार न बनूगाँ 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 17 अर्ज क़ी परवरदिगार चूँकि तूने মুমা ন मुझ पर एहसान किया है मै भी आइन्दा गुनाहगारों का हरगिज़ मदद गार न बनूगाँ 500) - ShareChat