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#🤲 इबादत #🤲 दुआएं #❤️अस्सलामु अलैकुम #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲हदीस🕌
🤲 इबादत - m d k a $ i m 7 8 6 जिंदगी जिंदगी आसान नहीं होती जिंदगी को आसान बनाना पड़ता हैं कभी दुआ करके कभी सब्र करके कभी माफ करके और कभी नजरअंदाज करके Kh aslm . KAK Ilumis  Cott crontos m d k a $ i m 7 8 6 जिंदगी जिंदगी आसान नहीं होती जिंदगी को आसान बनाना पड़ता हैं कभी दुआ करके कभी सब्र करके कभी माफ करके और कभी नजरअंदाज करके Kh aslm . KAK Ilumis  Cott crontos - ShareChat
#🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲नमाज ☪️ #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🛐रमजान करीम 🤲
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 20 और एक शख्स शहर के उस किनारे से डराता हुआ आया और यक़ीन जानो कि शहर के) बड़े (मूसा से) कहने लगा मूसा (तुम ये ' बड़े आदमी बारे में मशवरा कर रहे हैं कि तुम्हारे ' तुम्हारे  आदमी कत्ल कर डालें तो तुम (शहर से) निकल भागो तुमको 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 20 और एक शख्स शहर के उस किनारे से डराता हुआ आया और यक़ीन जानो कि शहर के) बड़े (मूसा से) कहने लगा मूसा (तुम ये ' बड़े आदमी बारे में मशवरा कर रहे हैं कि तुम्हारे ' तुम्हारे  आदमी कत्ल कर डालें तो तुम (शहर से) निकल भागो तुमको 500) - ShareChat
#🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #☪️रमजान Status⏳ #🛐रमजान करीम 🤲
🕋इस्लामिक दुआ 🤲 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 19 आयत ग़रज़ जब मूसा ने चाहा कि उस शख्स पर जो दोनों का दुश्मन हाथ बढ़ाएँ तो क़िब्ती कहने लगा कि ऐ मूसा लिए)  के (छुड़ाने  [ जिस तरह कल एक आदमी को मार डाला तरह) मुझे तुमने (3t भी मार डालना चाहते हो तो तुम बस ये चाहते हो कि रुए ज़मीन में सरकश बन कर रहो और मसलह (क़ौम ) बनकर रहना नहीं चाहते 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 19 आयत ग़रज़ जब मूसा ने चाहा कि उस शख्स पर जो दोनों का दुश्मन हाथ बढ़ाएँ तो क़िब्ती कहने लगा कि ऐ मूसा लिए)  के (छुड़ाने  [ जिस तरह कल एक आदमी को मार डाला तरह) मुझे तुमने (3t भी मार डालना चाहते हो तो तुम बस ये चाहते हो कि रुए ज़मीन में सरकश बन कर रहो और मसलह (क़ौम ) बनकर रहना नहीं चाहते 500) - ShareChat
#🛐रमजान करीम 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🛐रमजान करीम 🤲 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 18 ग़रज़ (रात तो जो त्यों गुज़री) सुबह को उम्मीदो बीम की हालत में मूसा शहर में गए तो क्या देखते हैं कि वही शख्स जिसने कल उनसे मदद माँगी थी उनसे (फिर) फरियाद कर रहा है-मूसा ने उससे कहा बेशक तू यक़ीनी खुल्लम खुल्ला गुमराह है 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 18 ग़रज़ (रात तो जो त्यों गुज़री) सुबह को उम्मीदो बीम की हालत में मूसा शहर में गए तो क्या देखते हैं कि वही शख्स जिसने कल उनसे मदद माँगी थी उनसे (फिर) फरियाद कर रहा है-मूसा ने उससे कहा बेशक तू यक़ीनी खुल्लम खुल्ला गुमराह है 500) - ShareChat
#🛐रमजान करीम 🤲 #🤲नमाज ☪️ #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗
🛐रमजान करीम 🤲 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 17 अर्ज क़ी परवरदिगार चूँकि तूने মুমা ন मुझ पर एहसान किया है मै भी आइन्दा गुनाहगारों का हरगिज़ मदद गार न बनूगाँ 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 17 अर्ज क़ी परवरदिगार चूँकि तूने মুমা ন मुझ पर एहसान किया है मै भी आइन्दा गुनाहगारों का हरगिज़ मदद गार न बनूगाँ 500) - ShareChat
#🤲कुरान संदेश #🤲नमाज ☪️ #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🛐रमजान करीम 🤲 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲
🤲कुरान संदेश - 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 16 (फिर बारगाहे ख़ुदा में) अर्ज़ की परवरदिगार बेशक मैने अपने ऊपर आप ज़ुल्म किया (कि इस शहर में आया) तो तू मुझे (दुश्मनों से) पोशीदा रख ग़रज़ ख़ुदा ने उन्हें पोशीदा रखा (इसमें तो शक नहीं कि वह बड़ा पोशीदा रखने वाला मेहरबान है) 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 आयत 16 (फिर बारगाहे ख़ुदा में) अर्ज़ की परवरदिगार बेशक मैने अपने ऊपर आप ज़ुल्म किया (कि इस शहर में आया) तो तू मुझे (दुश्मनों से) पोशीदा रख ग़रज़ ख़ुदा ने उन्हें पोशीदा रखा (इसमें तो शक नहीं कि वह बड़ा पोशीदा रखने वाला मेहरबान है) 500) - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲कुरान संदेश #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲नमाज ☪️ #🛐रमजान करीम 🤲
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - 9 सूरह अल- कसस 9 5 ঔমন 15 और एक दिन इत्तिफाक़न मूसा शहर में ऐसे वक्त अए कि वहाँ के लोग (नींद  में पडे हुए थे तो देखा कि वहाँ दो आदमी आपस में लड़े मरते की) ग़फलत हैं ये (एक) तो उनकी क़ौम (बनी इसराइल) में का है और वह (दूसरा ) उनके दुश्मन की क़ौम (क़िब्ती) का है तो जो शख्स उनकी क़ौम का था उसने उस লিৎ) ' में था (ग़लबा हासिल करने के शख्स से जो उनके मूसा से मदद ব্রুংসনী ' माँगी ये सुनते ही मूसा ने उसे एक घूसा मारा था कि उसका काम तमाम हो गया फिर (ख्याल करके) कहने लगे ये शैतान का काम था इसमें शक नहीं कि वह दुश्मन और खुल्लम खुल्ला गुमराह करने वाला 500) 9 सूरह अल- कसस 9 5 ঔমন 15 और एक दिन इत्तिफाक़न मूसा शहर में ऐसे वक्त अए कि वहाँ के लोग (नींद  में पडे हुए थे तो देखा कि वहाँ दो आदमी आपस में लड़े मरते की) ग़फलत हैं ये (एक) तो उनकी क़ौम (बनी इसराइल) में का है और वह (दूसरा ) उनके दुश्मन की क़ौम (क़िब्ती) का है तो जो शख्स उनकी क़ौम का था उसने उस লিৎ) ' में था (ग़लबा हासिल करने के शख्स से जो उनके मूसा से मदद ব্রুংসনী ' माँगी ये सुनते ही मूसा ने उसे एक घूसा मारा था कि उसका काम तमाम हो गया फिर (ख्याल करके) कहने लगे ये शैतान का काम था इसमें शक नहीं कि वह दुश्मन और खुल्लम खुल्ला गुमराह करने वाला 500) - ShareChat
#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲कुरान संदेश #🤲नमाज ☪️ #🕋इस्लामिक दुआ 🤲
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 14 और जब मूसा अपनी जवानी को पहुँचे और (हाथ पाँव निकाल के) दुरुस्त हो गए तो हमने उनको हिकमत और इल्म अता किया और नेकी करने वालों को हम यूँ जज़ाए खैर देते हैं 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 आयत 14 और जब मूसा अपनी जवानी को पहुँचे और (हाथ पाँव निकाल के) दुरुस्त हो गए तो हमने उनको हिकमत और इल्म अता किया और नेकी करने वालों को हम यूँ जज़ाए खैर देते हैं 500) - ShareChat
#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲अल्लाह हु अक़बर #☪️रमजान Status⏳ #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 13 मूसा को उसकी माँ तक फिर ग़रज़ (इस तरकीब से) हमने पहुँचा दिया ताकि उसकी आँख ठन्डी होे जाए और रंज न करे बिल्कुल ठीक है मगर और ताकि समझ ले ख़ुदा का वायदा उनमें के अक्सर नहीं जानते हैं 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 13 मूसा को उसकी माँ तक फिर ग़रज़ (इस तरकीब से) हमने पहुँचा दिया ताकि उसकी आँख ठन्डी होे जाए और रंज न करे बिल्कुल ठीक है मगर और ताकि समझ ले ख़ुदा का वायदा उनमें के अक्सर नहीं जानते हैं 500) - ShareChat
#🛐रमजान करीम 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲कुरान संदेश #🤲नमाज ☪️
🛐रमजान करीम 🤲 - 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 12 मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के दूध) को हराम 3k हमने कर दिया था (कि किसी की छाती से मुँह न लगाया) तब मूसा की बहन बोली भला मै तुम्हें एक घराने का पता बताऊ कि ख़ातिर इस बच्चे की परवरिश कर देंगे और वह तुम्हारी वह यक़ीनन इसके खैरख्वाह होगे 500) 9 9 सूरह अल- कसस 5 अयत 12 मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के दूध) को हराम 3k हमने कर दिया था (कि किसी की छाती से मुँह न लगाया) तब मूसा की बहन बोली भला मै तुम्हें एक घराने का पता बताऊ कि ख़ातिर इस बच्चे की परवरिश कर देंगे और वह तुम्हारी वह यक़ीनन इसके खैरख्वाह होगे 500) - ShareChat