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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - का बलिदान पति ने एक दिन गुस्से से कहाः तुम्हारी हैसियत ही क्या है? आज मेरे खुद की नाम और मेरे कमाए हुए पैसों से ही तो दुनिया तुम्हें जानती और इज्जत देती है! पत्नी ने आँखों में आंसू लिए पर पूरी मजबूती से कहाः मैंने अपना सरनेम , अपना मायका और अपनी सारी ख्वाहिशें इसलिए मिटा दीं॰ ताकि # uri आप बेफिक्र होकर दुनिया पहचान बना सकें। अगर मैं घरकी चारदीवारी, आपके बच्चे और बुजुर्गों को ना संभालती तो आपकी आधी उम्र उलझनों में ही कट जाती। मेरी खोई हुई पहचान ही आपकी इस कामयाबी की नींव है।" क्या आप पत्नी की इस बात से पूरी तरह सहमत हो? का बलिदान पति ने एक दिन गुस्से से कहाः तुम्हारी हैसियत ही क्या है? आज मेरे खुद की नाम और मेरे कमाए हुए पैसों से ही तो दुनिया तुम्हें जानती और इज्जत देती है! पत्नी ने आँखों में आंसू लिए पर पूरी मजबूती से कहाः मैंने अपना सरनेम , अपना मायका और अपनी सारी ख्वाहिशें इसलिए मिटा दीं॰ ताकि # uri आप बेफिक्र होकर दुनिया पहचान बना सकें। अगर मैं घरकी चारदीवारी, आपके बच्चे और बुजुर्गों को ना संभालती तो आपकी आधी उम्र उलझनों में ही कट जाती। मेरी खोई हुई पहचान ही आपकी इस कामयाबी की नींव है।" क्या आप पत्नी की इस बात से पूरी तरह सहमत हो? - ShareChat