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#❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - सदगुरुदेवाय नमः " "श्री  अपने स्वभाव दृष्टिकोण व्यवहार और विचार आदि की परीक्षा करने से मनुष्य को अपनी -अपनी कमजोरियों का पता चल जाता है। दुनियां को दोष देने से पूर्व अपने दोषों को भी देखें कि कहीं आपके हृदय -् सदन में ही तो अंधेरा नहीं है?्अपनी उस गलती को उजागर करें-जिस कारण आपको हर्ष में भी विषाद की ही छाया दिखाई देती है। अगर धुंधला दिखाई देता है तो और को दोष मत दो। संभव है आपकी दृष्टि में ही धुंधलापन हो। अपनी बुद्धि-् दोष और कर्म- दोष पर भी विचार करें। यह भी देखिए कि कहीं आपकी मति तो कुंठित नहीं है। मानसिक रूप से आपकी चिंता तो आपके असफल होने का कारण नहीं है।जो विकार आपको बाहर दिखता है उसका मूल्य स्वयं आपके अंदर भी हो सकता है। বানুলল ননুলল . सदगुरुदेवाय नमः " "श्री  अपने स्वभाव दृष्टिकोण व्यवहार और विचार आदि की परीक्षा करने से मनुष्य को अपनी -अपनी कमजोरियों का पता चल जाता है। दुनियां को दोष देने से पूर्व अपने दोषों को भी देखें कि कहीं आपके हृदय -् सदन में ही तो अंधेरा नहीं है?्अपनी उस गलती को उजागर करें-जिस कारण आपको हर्ष में भी विषाद की ही छाया दिखाई देती है। अगर धुंधला दिखाई देता है तो और को दोष मत दो। संभव है आपकी दृष्टि में ही धुंधलापन हो। अपनी बुद्धि-् दोष और कर्म- दोष पर भी विचार करें। यह भी देखिए कि कहीं आपकी मति तो कुंठित नहीं है। मानसिक रूप से आपकी चिंता तो आपके असफल होने का कारण नहीं है।जो विकार आपको बाहर दिखता है उसका मूल्य स्वयं आपके अंदर भी हो सकता है। বানুলল ননুলল . - ShareChat