Babulal Babulal
ShareChat
click to see wallet page
@babulal8948
babulal8948
Babulal Babulal
@babulal8948
मुझे ShareChat परफॉलो करें!
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - "श्री सदगुरुदेवाय नमः " अभिभावक उचित अनुचित तरीकों से अपने, परिवार की सम्पन्नता बढाने में जुटे रहते हैं। इसी में वे अपना गौरव मानते हैं और वर्तमान तथा भविष्य को सुखन्शांति से भरा-पूरा होने की कल्पना करते रहते हैं पर परिणामतः होता इससे ठीक विपरीत ही है। संपदा अनावश्यक मात्रा में होने पर अपव्यय सूझता है। उसके बदले व्यसन और दुर्गुणों का पिटारा पल्ले पड़ता है। संपदा के बदले खरीदे गए दुर्गुण जीवन के साथ जोंक की तरह चिपट जाते हैं और खून पीते रहते हैं। सम्पन्नता विलासिता सिखाती है, आलसी प्रमादी और अहंकारी बनाती है। इस यथार्थता को न समझ पाने वाले ही यह सोचते सुसंस्कृत बनने का प्रयत्न करना रहते हैं कि धन-वैभव ही सबकुछ है। इसकी उपेक्षा अगर ल ম্তু্ী चाहिए क्योंकि यही संपदा है,जो जीवनभर साथ देती है। सद्रुणीं अपनों के बीच ही नहीं परायों के बीच भी सम्मान और सहयोग पाता है। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः " अभिभावक उचित अनुचित तरीकों से अपने, परिवार की सम्पन्नता बढाने में जुटे रहते हैं। इसी में वे अपना गौरव मानते हैं और वर्तमान तथा भविष्य को सुखन्शांति से भरा-पूरा होने की कल्पना करते रहते हैं पर परिणामतः होता इससे ठीक विपरीत ही है। संपदा अनावश्यक मात्रा में होने पर अपव्यय सूझता है। उसके बदले व्यसन और दुर्गुणों का पिटारा पल्ले पड़ता है। संपदा के बदले खरीदे गए दुर्गुण जीवन के साथ जोंक की तरह चिपट जाते हैं और खून पीते रहते हैं। सम्पन्नता विलासिता सिखाती है, आलसी प्रमादी और अहंकारी बनाती है। इस यथार्थता को न समझ पाने वाले ही यह सोचते सुसंस्कृत बनने का प्रयत्न करना रहते हैं कि धन-वैभव ही सबकुछ है। इसकी उपेक्षा अगर ल ম্তু্ী चाहिए क्योंकि यही संपदा है,जो जीवनभर साथ देती है। सद्रुणीं अपनों के बीच ही नहीं परायों के बीच भी सम्मान और सहयोग पाता है। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' अपनी आदतें बदलनी होती हैं। दूसरों का स्वभाव [C आदतें बदलने के दूसरों की : सुधारने के लिए पहले अपना सुधार करना होता है। उपदेशों से तो केवल जानकारी भर दी जा सकती है। व्यक्ति का सुधारना उन्ही के लिए संभव हो सकता है,जो अपने आपको आदर्श के रूप में विकसित कर सकते हैं। शिक्षा तो सहज ही सुनी जा सकती है, पर प्रेरणा तभी मिलती है,जब अनुकरण के लिए प्रभावशाली आदर्श सामने हो। ज्योतिवान दीपक ही दूसरे नयों को जलाता है। सांचे के अनुरूप ही खिलौने या पुर्जे ढलते हैं। दूसरे को कुछ सिखाना - बतानाभर हो तो बात दूसरी है अन्यथा ढालने का लक्ष्य सामने होतो सर्वप्रथम स्वयं ढलने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं है। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' अपनी आदतें बदलनी होती हैं। दूसरों का स्वभाव [C आदतें बदलने के दूसरों की : सुधारने के लिए पहले अपना सुधार करना होता है। उपदेशों से तो केवल जानकारी भर दी जा सकती है। व्यक्ति का सुधारना उन्ही के लिए संभव हो सकता है,जो अपने आपको आदर्श के रूप में विकसित कर सकते हैं। शिक्षा तो सहज ही सुनी जा सकती है, पर प्रेरणा तभी मिलती है,जब अनुकरण के लिए प्रभावशाली आदर्श सामने हो। ज्योतिवान दीपक ही दूसरे नयों को जलाता है। सांचे के अनुरूप ही खिलौने या पुर्जे ढलते हैं। दूसरे को कुछ सिखाना - बतानाभर हो तो बात दूसरी है अन्यथा ढालने का लक्ष्य सामने होतो सर्वप्रथम स्वयं ढलने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं है। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - सदगुरुदेवाय नमः ' "श्री उत्तराधिकारियों के लिए धन -वैभव छोड सकना उतना सुखद नहीं हो सकता जितना उन्हें सुसंस्कारी बना देन। यह संपत्ति ऐसी हैजो उनको सदा गौरवान्वित रखेगी और पगन्पग पर श्रेय -्सहयोग से लाभान्वित करेगी। सफलताएं किसी भी क्षेत्र की क्यों न हों, उन्हें व्यक्तित्व संपन्न लोग ही प्राप्त करते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः ' "श्री उत्तराधिकारियों के लिए धन -वैभव छोड सकना उतना सुखद नहीं हो सकता जितना उन्हें सुसंस्कारी बना देन। यह संपत्ति ऐसी हैजो उनको सदा गौरवान्वित रखेगी और पगन्पग पर श्रेय -्सहयोग से लाभान्वित करेगी। सफलताएं किसी भी क्षेत्र की क्यों न हों, उन्हें व्यक्तित्व संपन्न लोग ही प्राप्त करते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः परिवार एक साथ रहने वाले व्यक्तियों का नाम नहीं है। उसमें रहने वाले सदस्य एक दूसरे के प्रति घनिष्ठ आत्मीयता के सूत्र में बंधे रहते हैं। साथ-्साथ रहने एक चौके में खाने और एक दूसरे से बोल -्चाल बात-्चीत प्रेम -व्यवहार से संबद्ध रहने के अतिरिक्तभी स्वजन आपस में एक दूसरे के प्रति कर्तव्यों से बंधे रहते हैं। उन कर्तव्यों की पूर्ति करते चलना परिवार में रहने की परिवारीजन कहलाने की अनिवार्य शर्तहै। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः परिवार एक साथ रहने वाले व्यक्तियों का नाम नहीं है। उसमें रहने वाले सदस्य एक दूसरे के प्रति घनिष्ठ आत्मीयता के सूत्र में बंधे रहते हैं। साथ-्साथ रहने एक चौके में खाने और एक दूसरे से बोल -्चाल बात-्चीत प्रेम -व्यवहार से संबद्ध रहने के अतिरिक्तभी स्वजन आपस में एक दूसरे के प्रति कर्तव्यों से बंधे रहते हैं। उन कर्तव्यों की पूर्ति करते चलना परिवार में रहने की परिवारीजन कहलाने की अनिवार्य शर्तहै। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - "श्री सदगुरुदेवाय नमः  शरीर की भूख रोटी कपडा और मकान अन्न जल एवं हवा तक ही सीमित है, पर आत्मा की भूख स्नेह सम्मान और सहयोग की परिस्थितियां मिलने पर ही बुझती है। নানুললে নানুলল . "श्री सदगुरुदेवाय नमः  शरीर की भूख रोटी कपडा और मकान अन्न जल एवं हवा तक ही सीमित है, पर आत्मा की भूख स्नेह सम्मान और सहयोग की परिस्थितियां मिलने पर ही बुझती है। নানুললে নানুলল . - ShareChat
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - सदगुरुदेवाय नमः ' "9f यदि संयुक्त परिवार में द्वेष -दुर्भाव की अवज्ञा और उपेक्षा की आपाधापी की दुष्प्रवृत्तियां पनप रही हों तो घर को नरक बनाने की अपेक्षा यही अच्छा है कि लोग अपना - अपना परिवार लेकर स्थिति में संयुक्त परिवार का लाभ है और अलग हो जाएं।   सद्भाव कीं दुर्भाव पनपने की स्थिति में उसका बिखर जाना ही श्रेयस्कर है। নানুলল নানুলল . सदगुरुदेवाय नमः ' "9f यदि संयुक्त परिवार में द्वेष -दुर्भाव की अवज्ञा और उपेक्षा की आपाधापी की दुष्प्रवृत्तियां पनप रही हों तो घर को नरक बनाने की अपेक्षा यही अच्छा है कि लोग अपना - अपना परिवार लेकर स्थिति में संयुक्त परिवार का लाभ है और अलग हो जाएं।   सद्भाव कीं दुर्भाव पनपने की स्थिति में उसका बिखर जाना ही श्रेयस्कर है। নানুলল নানুলল . - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - "श्री सदगुरुदेवाय नमः  र्यदै जीवन यापन के लिए आवश्यक सामान्य ज्ञान और लोक व्यवहार का अनुभव होतो मनुष्य को जितनी बुद्धि मिली है और कलाईयों में जो क्षमता है वह उसके लिए पर्याप्त है कि किसी सामान्य परिवार का गुजारा किसी प्रकार हँसी -खुशी के साथ होता चला जाएगा।  कठिनाई तब आती है जब परिवार के सदस्यों में स्नेह -सौजन्य का सद्भाव सहयोग का अभाव रहता है। एक -दूसरे में रूचि नहीं लेते , अपने अपने मतलब में चौकस रहते हैं अनुशासन नहीं मानते और परस्पर मनोमालिन्य रखकर समय-्कुसमय लड़ते ् झगड़ते रहते हैं। जहां यह स्थिति होगी वहां अर्थ साधन रहते हुए भी परिवार एक ऐसे कैदखाने की स्थिति में होगा जहां विवशता पूर्वक समय काटना पड़ता है। ऐसी स्थिति में परिवारों में घनिष्ठता रहती है,न आत्मीयता। ऐसी निरानंद स्थिति में दिन तो कटते रहते हैं पर वह उपलब्धियां जो इस पवित्र संस्था के सदस्यों को मिल सकती थीं प्रायः नहीं मिल पाती हैं। आज के अधिकांश परिवारों की स्थिति ऐसी ही दुर्भाग्यपूर्ण बनी हुई है। নানুললে নানুলল . "श्री सदगुरुदेवाय नमः  र्यदै जीवन यापन के लिए आवश्यक सामान्य ज्ञान और लोक व्यवहार का अनुभव होतो मनुष्य को जितनी बुद्धि मिली है और कलाईयों में जो क्षमता है वह उसके लिए पर्याप्त है कि किसी सामान्य परिवार का गुजारा किसी प्रकार हँसी -खुशी के साथ होता चला जाएगा।  कठिनाई तब आती है जब परिवार के सदस्यों में स्नेह -सौजन्य का सद्भाव सहयोग का अभाव रहता है। एक -दूसरे में रूचि नहीं लेते , अपने अपने मतलब में चौकस रहते हैं अनुशासन नहीं मानते और परस्पर मनोमालिन्य रखकर समय-्कुसमय लड़ते ् झगड़ते रहते हैं। जहां यह स्थिति होगी वहां अर्थ साधन रहते हुए भी परिवार एक ऐसे कैदखाने की स्थिति में होगा जहां विवशता पूर्वक समय काटना पड़ता है। ऐसी स्थिति में परिवारों में घनिष्ठता रहती है,न आत्मीयता। ऐसी निरानंद स्थिति में दिन तो कटते रहते हैं पर वह उपलब्धियां जो इस पवित्र संस्था के सदस्यों को मिल सकती थीं प्रायः नहीं मिल पाती हैं। आज के अधिकांश परिवारों की स्थिति ऐसी ही दुर्भाग्यपूर्ण बनी हुई है। নানুললে নানুলল . - ShareChat
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः तपोवनों में घर बनाने की अपेक्षा घरों को ही तपोवन बनाया जाए। सत्वृत्तियों के अभिवर्द्धन की साधना जितनी सफलता पूर्वक घर-्परिवार में हो सकती है उतनी अन्यत्र ட নানুলাল নানুলল . "श्री सदगुरुदेवाय नमः तपोवनों में घर बनाने की अपेक्षा घरों को ही तपोवन बनाया जाए। सत्वृत्तियों के अभिवर्द्धन की साधना जितनी सफलता पूर्वक घर-्परिवार में हो सकती है उतनी अन्यत्र ட নানুলাল নানুলল . - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - सदगुरूदेवाय नमः " "পী पारिवारिक झगडों को युद्ध की-सी चुनौती के रूप में मत मानिए। विपक्षी की तरह दमन करने की बात मत सोचिए। बल्कि झगडे के कारण पर विचार कीजिए और प्रयत्न कीजिए कि वह कारण दूर हो जाए। यदि ऐसा हो सका तो झगडा दूर करने में आपको शीघ्र ही सफलता मिल जाएगी। गृह-्कलह को समाप्त करने का यह प्रमुख सिद्धांत है। इस पर चलकर देखिए और सफलता मिले तो दूसरों को भी इसका उपदेश दीजिए। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरूदेवाय नमः " "পী पारिवारिक झगडों को युद्ध की-सी चुनौती के रूप में मत मानिए। विपक्षी की तरह दमन करने की बात मत सोचिए। बल्कि झगडे के कारण पर विचार कीजिए और प्रयत्न कीजिए कि वह कारण दूर हो जाए। यदि ऐसा हो सका तो झगडा दूर करने में आपको शीघ्र ही सफलता मिल जाएगी। गृह-्कलह को समाप्त करने का यह प्रमुख सिद्धांत है। इस पर चलकर देखिए और सफलता मिले तो दूसरों को भी इसका उपदेश दीजिए। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat