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#👉 लोगों के लिए सीख👈 #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' अपनी आदतें बदलनी होती हैं। दूसरों का स्वभाव [C आदतें बदलने के दूसरों की : सुधारने के लिए पहले अपना सुधार करना होता है। उपदेशों से तो केवल जानकारी भर दी जा सकती है। व्यक्ति का सुधारना उन्ही के लिए संभव हो सकता है,जो अपने आपको आदर्श के रूप में विकसित कर सकते हैं। शिक्षा तो सहज ही सुनी जा सकती है, पर प्रेरणा तभी मिलती है,जब अनुकरण के लिए प्रभावशाली आदर्श सामने हो। ज्योतिवान दीपक ही दूसरे नयों को जलाता है। सांचे के अनुरूप ही खिलौने या पुर्जे ढलते हैं। दूसरे को कुछ सिखाना - बतानाभर हो तो बात दूसरी है अन्यथा ढालने का लक्ष्य सामने होतो सर्वप्रथम स्वयं ढलने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं है। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' अपनी आदतें बदलनी होती हैं। दूसरों का स्वभाव [C आदतें बदलने के दूसरों की : सुधारने के लिए पहले अपना सुधार करना होता है। उपदेशों से तो केवल जानकारी भर दी जा सकती है। व्यक्ति का सुधारना उन्ही के लिए संभव हो सकता है,जो अपने आपको आदर्श के रूप में विकसित कर सकते हैं। शिक्षा तो सहज ही सुनी जा सकती है, पर प्रेरणा तभी मिलती है,जब अनुकरण के लिए प्रभावशाली आदर्श सामने हो। ज्योतिवान दीपक ही दूसरे नयों को जलाता है। सांचे के अनुरूप ही खिलौने या पुर्जे ढलते हैं। दूसरे को कुछ सिखाना - बतानाभर हो तो बात दूसरी है अन्यथा ढालने का लक्ष्य सामने होतो सर्वप्रथम स्वयं ढलने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं है। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - सदगुरुदेवाय नमः ' "श्री उत्तराधिकारियों के लिए धन -वैभव छोड सकना उतना सुखद नहीं हो सकता जितना उन्हें सुसंस्कारी बना देन। यह संपत्ति ऐसी हैजो उनको सदा गौरवान्वित रखेगी और पगन्पग पर श्रेय -्सहयोग से लाभान्वित करेगी। सफलताएं किसी भी क्षेत्र की क्यों न हों, उन्हें व्यक्तित्व संपन्न लोग ही प्राप्त करते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः ' "श्री उत्तराधिकारियों के लिए धन -वैभव छोड सकना उतना सुखद नहीं हो सकता जितना उन्हें सुसंस्कारी बना देन। यह संपत्ति ऐसी हैजो उनको सदा गौरवान्वित रखेगी और पगन्पग पर श्रेय -्सहयोग से लाभान्वित करेगी। सफलताएं किसी भी क्षेत्र की क्यों न हों, उन्हें व्यक्तित्व संपन्न लोग ही प्राप्त करते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
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👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः परिवार एक साथ रहने वाले व्यक्तियों का नाम नहीं है। उसमें रहने वाले सदस्य एक दूसरे के प्रति घनिष्ठ आत्मीयता के सूत्र में बंधे रहते हैं। साथ-्साथ रहने एक चौके में खाने और एक दूसरे से बोल -्चाल बात-्चीत प्रेम -व्यवहार से संबद्ध रहने के अतिरिक्तभी स्वजन आपस में एक दूसरे के प्रति कर्तव्यों से बंधे रहते हैं। उन कर्तव्यों की पूर्ति करते चलना परिवार में रहने की परिवारीजन कहलाने की अनिवार्य शर्तहै। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः परिवार एक साथ रहने वाले व्यक्तियों का नाम नहीं है। उसमें रहने वाले सदस्य एक दूसरे के प्रति घनिष्ठ आत्मीयता के सूत्र में बंधे रहते हैं। साथ-्साथ रहने एक चौके में खाने और एक दूसरे से बोल -्चाल बात-्चीत प्रेम -व्यवहार से संबद्ध रहने के अतिरिक्तभी स्वजन आपस में एक दूसरे के प्रति कर्तव्यों से बंधे रहते हैं। उन कर्तव्यों की पूर्ति करते चलना परिवार में रहने की परिवारीजन कहलाने की अनिवार्य शर्तहै। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
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❤️जीवन की सीख - "श्री सदगुरुदेवाय नमः  शरीर की भूख रोटी कपडा और मकान अन्न जल एवं हवा तक ही सीमित है, पर आत्मा की भूख स्नेह सम्मान और सहयोग की परिस्थितियां मिलने पर ही बुझती है। নানুললে নানুলল . "श्री सदगुरुदेवाय नमः  शरीर की भूख रोटी कपडा और मकान अन्न जल एवं हवा तक ही सीमित है, पर आत्मा की भूख स्नेह सम्मान और सहयोग की परिस्थितियां मिलने पर ही बुझती है। নানুললে নানুলল . - ShareChat
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - सदगुरुदेवाय नमः ' "9f यदि संयुक्त परिवार में द्वेष -दुर्भाव की अवज्ञा और उपेक्षा की आपाधापी की दुष्प्रवृत्तियां पनप रही हों तो घर को नरक बनाने की अपेक्षा यही अच्छा है कि लोग अपना - अपना परिवार लेकर स्थिति में संयुक्त परिवार का लाभ है और अलग हो जाएं।   सद्भाव कीं दुर्भाव पनपने की स्थिति में उसका बिखर जाना ही श्रेयस्कर है। নানুলল নানুলল . सदगुरुदेवाय नमः ' "9f यदि संयुक्त परिवार में द्वेष -दुर्भाव की अवज्ञा और उपेक्षा की आपाधापी की दुष्प्रवृत्तियां पनप रही हों तो घर को नरक बनाने की अपेक्षा यही अच्छा है कि लोग अपना - अपना परिवार लेकर स्थिति में संयुक्त परिवार का लाभ है और अलग हो जाएं।   सद्भाव कीं दुर्भाव पनपने की स्थिति में उसका बिखर जाना ही श्रेयस्कर है। নানুলল নানুলল . - ShareChat
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❤️जीवन की सीख - "श्री सदगुरुदेवाय नमः  र्यदै जीवन यापन के लिए आवश्यक सामान्य ज्ञान और लोक व्यवहार का अनुभव होतो मनुष्य को जितनी बुद्धि मिली है और कलाईयों में जो क्षमता है वह उसके लिए पर्याप्त है कि किसी सामान्य परिवार का गुजारा किसी प्रकार हँसी -खुशी के साथ होता चला जाएगा।  कठिनाई तब आती है जब परिवार के सदस्यों में स्नेह -सौजन्य का सद्भाव सहयोग का अभाव रहता है। एक -दूसरे में रूचि नहीं लेते , अपने अपने मतलब में चौकस रहते हैं अनुशासन नहीं मानते और परस्पर मनोमालिन्य रखकर समय-्कुसमय लड़ते ् झगड़ते रहते हैं। जहां यह स्थिति होगी वहां अर्थ साधन रहते हुए भी परिवार एक ऐसे कैदखाने की स्थिति में होगा जहां विवशता पूर्वक समय काटना पड़ता है। ऐसी स्थिति में परिवारों में घनिष्ठता रहती है,न आत्मीयता। ऐसी निरानंद स्थिति में दिन तो कटते रहते हैं पर वह उपलब्धियां जो इस पवित्र संस्था के सदस्यों को मिल सकती थीं प्रायः नहीं मिल पाती हैं। आज के अधिकांश परिवारों की स्थिति ऐसी ही दुर्भाग्यपूर्ण बनी हुई है। নানুললে নানুলল . "श्री सदगुरुदेवाय नमः  र्यदै जीवन यापन के लिए आवश्यक सामान्य ज्ञान और लोक व्यवहार का अनुभव होतो मनुष्य को जितनी बुद्धि मिली है और कलाईयों में जो क्षमता है वह उसके लिए पर्याप्त है कि किसी सामान्य परिवार का गुजारा किसी प्रकार हँसी -खुशी के साथ होता चला जाएगा।  कठिनाई तब आती है जब परिवार के सदस्यों में स्नेह -सौजन्य का सद्भाव सहयोग का अभाव रहता है। एक -दूसरे में रूचि नहीं लेते , अपने अपने मतलब में चौकस रहते हैं अनुशासन नहीं मानते और परस्पर मनोमालिन्य रखकर समय-्कुसमय लड़ते ् झगड़ते रहते हैं। जहां यह स्थिति होगी वहां अर्थ साधन रहते हुए भी परिवार एक ऐसे कैदखाने की स्थिति में होगा जहां विवशता पूर्वक समय काटना पड़ता है। ऐसी स्थिति में परिवारों में घनिष्ठता रहती है,न आत्मीयता। ऐसी निरानंद स्थिति में दिन तो कटते रहते हैं पर वह उपलब्धियां जो इस पवित्र संस्था के सदस्यों को मिल सकती थीं प्रायः नहीं मिल पाती हैं। आज के अधिकांश परिवारों की स्थिति ऐसी ही दुर्भाग्यपूर्ण बनी हुई है। নানুললে নানুলল . - ShareChat
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👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः तपोवनों में घर बनाने की अपेक्षा घरों को ही तपोवन बनाया जाए। सत्वृत्तियों के अभिवर्द्धन की साधना जितनी सफलता पूर्वक घर-्परिवार में हो सकती है उतनी अन्यत्र ட নানুলাল নানুলল . "श्री सदगुरुदेवाय नमः तपोवनों में घर बनाने की अपेक्षा घरों को ही तपोवन बनाया जाए। सत्वृत्तियों के अभिवर्द्धन की साधना जितनी सफलता पूर्वक घर-्परिवार में हो सकती है उतनी अन्यत्र ட নানুলাল নানুলল . - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - सदगुरूदेवाय नमः " "পী पारिवारिक झगडों को युद्ध की-सी चुनौती के रूप में मत मानिए। विपक्षी की तरह दमन करने की बात मत सोचिए। बल्कि झगडे के कारण पर विचार कीजिए और प्रयत्न कीजिए कि वह कारण दूर हो जाए। यदि ऐसा हो सका तो झगडा दूर करने में आपको शीघ्र ही सफलता मिल जाएगी। गृह-्कलह को समाप्त करने का यह प्रमुख सिद्धांत है। इस पर चलकर देखिए और सफलता मिले तो दूसरों को भी इसका उपदेश दीजिए। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरूदेवाय नमः " "পী पारिवारिक झगडों को युद्ध की-सी चुनौती के रूप में मत मानिए। विपक्षी की तरह दमन करने की बात मत सोचिए। बल्कि झगडे के कारण पर विचार कीजिए और प्रयत्न कीजिए कि वह कारण दूर हो जाए। यदि ऐसा हो सका तो झगडा दूर करने में आपको शीघ्र ही सफलता मिल जाएगी। गृह-्कलह को समाप्त करने का यह प्रमुख सिद्धांत है। इस पर चलकर देखिए और सफलता मिले तो दूसरों को भी इसका उपदेश दीजिए। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - "श्री सदगुरुदेवाय नमः " मननुष्य का सम्मान इसी में है कि मनुष्य मनुष्य का विश्वास-्भाजन बने। यदि आप सबको एक समान समझेंगे तो परिवार सभी सदस्य आपकी बात मानने में संतोष प्राप्त करेंगे। अनजान में यदि आपसे कोई भूल हो भी जाएगी तो उसका कोई ख्याल नहीं करेगा और उसकी प्रतिष्ठा ज्यों-्की-्त्यों बनी रहेगी। एक कहावत है-कि चार बर्तन होते हैंतो खटकते हैं। अतः घर में कभी कुछ कलह उपस्थित हो जाएतो उसे मनुष्य स्वभाव की कमजोरी मानकर अधिक तूल मत दीजिए। झगड़ों को शांत करने का एक बहुत बडा नुस्खा है -त्याग। यदि आपने किंचित भी त्याग प्रदर्शित किया तो झगडा समाप्त होने में देरन लगेगी। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः " मननुष्य का सम्मान इसी में है कि मनुष्य मनुष्य का विश्वास-्भाजन बने। यदि आप सबको एक समान समझेंगे तो परिवार सभी सदस्य आपकी बात मानने में संतोष प्राप्त करेंगे। अनजान में यदि आपसे कोई भूल हो भी जाएगी तो उसका कोई ख्याल नहीं करेगा और उसकी प्रतिष्ठा ज्यों-्की-्त्यों बनी रहेगी। एक कहावत है-कि चार बर्तन होते हैंतो खटकते हैं। अतः घर में कभी कुछ कलह उपस्थित हो जाएतो उसे मनुष्य स्वभाव की कमजोरी मानकर अधिक तूल मत दीजिए। झगड़ों को शांत करने का एक बहुत बडा नुस्खा है -त्याग। यदि आपने किंचित भी त्याग प्रदर्शित किया तो झगडा समाप्त होने में देरन लगेगी। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' हर इंसान को यह चेष्टा करनी चाहिए कि आपस में मतभेद की नौबत ही न आने पाए। अपनी ओर से ऐसी कोई बात ही मत आने दो जिससे कोई विवाद हो ओर से होने वाले विवाद को भी शान्ति पूर्वक निबटा देना ही दूसरी : जाएबल्कि बुद्धिमानी है। अपने द्वारा हुई भूल को तुरंत स्वीकार कर लीजिए। आपकी इस स्पष्टवादिता और आदर्श मनोवृत्ति का दूसरों पर अवश्य ही प्रभाव पड़ेगा। यदि भूल भी उसे स्वीकार नहीं करते तो दूसरों फर उसकी गलत प्रतिक्रिया होगी और करके क्षमाभाव के बजाय मन में भ्रांत धारणा बनी रहेगी। बाबूलाल बाबूलाल . "श्री सदगुरुदेवाय नमः ' हर इंसान को यह चेष्टा करनी चाहिए कि आपस में मतभेद की नौबत ही न आने पाए। अपनी ओर से ऐसी कोई बात ही मत आने दो जिससे कोई विवाद हो ओर से होने वाले विवाद को भी शान्ति पूर्वक निबटा देना ही दूसरी : जाएबल्कि बुद्धिमानी है। अपने द्वारा हुई भूल को तुरंत स्वीकार कर लीजिए। आपकी इस स्पष्टवादिता और आदर्श मनोवृत्ति का दूसरों पर अवश्य ही प्रभाव पड़ेगा। यदि भूल भी उसे स्वीकार नहीं करते तो दूसरों फर उसकी गलत प्रतिक्रिया होगी और करके क्षमाभाव के बजाय मन में भ्रांत धारणा बनी रहेगी। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat