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#गुलज़ार शायरी ✍️ #😒दर्द भरी शायरी🌸
गुलज़ार शायरी ✍️ - दर्द निगल गया मेरे लब्जो का हुनर, वरना ख़ामोशी मेरी आदत नहीं थी. ! दर्द ए गुलज़ार दर्द निगल गया मेरे लब्जो का हुनर, वरना ख़ामोशी मेरी आदत नहीं थी. ! दर्द ए गुलज़ार - ShareChat