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'जीवन एक सिलसिला' जीवन महज एक सिलसिला है मिलने का, अपने आप से ... हम जितना आगे बढ़ते,पढ़ते और सीखते जाते हैं, तो ऐसा लगता है की मानो, अज्ञानता और बढ़ती जाती है। सजगता सघनता ज्ञान के प्रति और निर्लप्तता व ललक बढ़ती जाती है । -दुर्गेश जायसवाल 'चमन' #kavichaman #durgeshjaiswalchaman #📚कविता-कहानी संग्रह
kavichaman - @durgeshjaiswalchaman जीवन एक सिलसिला जीवन महज एक सिलसिला है मिलने का, 397 377 7 हम जितना आगे बढ़ते पढ़ते और सीखते जाते हैं तो ऐसा लगता है की मानो अज्ञानता और बढ़ती जाती है। ক সনি सजगता सघनता ज्ञान निर्लप्तता व ललक जाती है | बढ़ती दुर्गेश আামমনাল 'বমন' @durgeshjaiswalchaman जीवन एक सिलसिला जीवन महज एक सिलसिला है मिलने का, 397 377 7 हम जितना आगे बढ़ते पढ़ते और सीखते जाते हैं तो ऐसा लगता है की मानो अज्ञानता और बढ़ती जाती है। ক সনি सजगता सघनता ज्ञान निर्लप्तता व ललक जाती है | बढ़ती दुर्गेश আামমনাল 'বমন' - ShareChat