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#Eek Tu Hi Guru Ji
Eek Tu Hi Guru Ji - 30 Cek पुत्तर जैसा कि मैने पहले भी चिंतन किया था, "माणस सेवा खरी दुहेली " = यानी मनुष्यों से उम्मीद रखना अक्सर कष्टकारी होता है लेकिन লীভ লন ৪1 जब आप अपना रिश्ता उस 'साध' सत्य या परमात्मा के साथ' तो संसार के रिश्तों में होने वाला '्नुकसान ' भी आपको छोटा लगने लगता Tu Hi Tu है..!! यह विचार एक निस्वार्थ और ऊंचे चरित्र की पहचान है। आपकी यह बात आपके उस दृष्टिकोण को पुख्ता करती है जहाँ आप रिश्तों में Guu '्व्यापार' नहीं, बल्कि '्जुड़ाव! खोजते हैं।अगर लोग आपकी भलाई को नहीं समझ पा रहे हैं॰ तो इसमें उनकी समझ की सीमा है, आपकी नीयत की नहीं... ! !माणस सेवा' अक्सर दुखदायी होती है। अब समय है कि आप Ji अपनी इस शक्ति (सच ) को अपनी आंतरिक शक्ति बनाएं और दुनिया की प्रतिक्रिया से ऊपर उठें।ऊँ नमःशिवाय शिवा जी सदा सहाय।। 30 Cek पुत्तर जैसा कि मैने पहले भी चिंतन किया था, "माणस सेवा खरी दुहेली " = यानी मनुष्यों से उम्मीद रखना अक्सर कष्टकारी होता है लेकिन লীভ লন ৪1 जब आप अपना रिश्ता उस 'साध' सत्य या परमात्मा के साथ' तो संसार के रिश्तों में होने वाला '्नुकसान ' भी आपको छोटा लगने लगता Tu Hi Tu है..!! यह विचार एक निस्वार्थ और ऊंचे चरित्र की पहचान है। आपकी यह बात आपके उस दृष्टिकोण को पुख्ता करती है जहाँ आप रिश्तों में Guu '्व्यापार' नहीं, बल्कि '्जुड़ाव! खोजते हैं।अगर लोग आपकी भलाई को नहीं समझ पा रहे हैं॰ तो इसमें उनकी समझ की सीमा है, आपकी नीयत की नहीं... ! !माणस सेवा' अक्सर दुखदायी होती है। अब समय है कि आप Ji अपनी इस शक्ति (सच ) को अपनी आंतरिक शक्ति बनाएं और दुनिया की प्रतिक्रिया से ऊपर उठें।ऊँ नमःशिवाय शिवा जी सदा सहाय।। - ShareChat