_*🙏🌻🌺 प्रभात चिंतन 🌺🌻🙏*_
_*सा जिह्वा या हरिं स्तौति तच्चित्तं यत्त्वदर्पितम्।*_
_*तावेव केवलौ श्लाघ्यौ यौ त्वत्पूजाकरौ करौ॥*_
_(तत्त्वार्थसूत्र)_
_*भावार्थ:-* वही जिह्वा धन्य है जो हरि की स्तुति करती है, वही चित्त धन्य है जो आपको समर्पित है। और वही दो हाथ वास्तव में प्रशंसनीय हैं जो आपकी पूजा में संलग्न रहते हैं।_
_*🙏🌻🌺सुप्रभातं श्रीराधे🌺🌻🙏*_ #☝अनमोल ज्ञान #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी #👫 हमारी ज़िन्दगी #🙏सुविचार📿

