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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - किसी एक की चाहत बनो हर किसी की तमन्ना नहीं जो आनन्द उस एक के प्रेम में है हजारों के प्रेम में नहीं.. वहनशा किसी एक की चाहत बनो हर किसी की तमन्ना नहीं जो आनन्द उस एक के प्रेम में है हजारों के प्रेम में नहीं.. वहनशा - ShareChat